डार्क वेब क्या है तथा कैसे कार्य करता है? | What is Dark Web in Hindi

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What is Dark Web - in Hindi

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आपका जानकारी ज़ोन में जहाँ हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन कमाई तथा यात्रा एवं पर्यटन जैसे अनेक क्षेत्रों से महत्वपूर्ण तथा रोचक जानकारी आप तक लेकर आते हैं। आज का हमारा विषय है इंटरनेट। आज इस लेख में हम इंटरनेट के प्रकारों की बात करेंगे आपने अक्सर डार्क वेब का नाम अवश्य सुना होगा आज आप इस लेख को पढ़ते जाइये और हम समझेंगे इंटरनेट के सभी प्रकारों को और डार्क वेब के बारे में फैली भ्रांतियों को। (What is Dark Web – in Hindi)

इंटरनेट

इंटरनेट विश्वभर के कम्प्यूटरों का एक जाल है जिसमें सभी कम्प्यूटर एक दूसरे के साथ IP एड्रेस की मदद से सूचनाओं का आदान प्रदान करते हैं। हमने एक अन्य लेख में इंटरनेट के बारे में विस्तार से समझाया है पढ़ने के लिए क्लिक करें। आइये अब समझते हैं इंटरनेट अथवा इस नेटवर्क के कितने प्रकार हैं?

  • सरफेस वेब
  • डीप वेब
  • डार्क वेब

सरफेस वेब

यह इंटरनेट का वह भाग है जिसे बिना किसी विशेष अनुमति के किसी सर्च इंजन की मदद से एक्सेस किया जाता है । यह साधारणतः इस्तेमाल किया जाने वाले इंटरनेट है जिसका आप दैनिक जीवन में उपयोग करते हैं। जब आप किसी सर्च इंजन जैसे गूगल में किसी विषय के बारे में खोजते हैं तो आपको दिखाए जाने वाले सभी परिणाम इसी के अंतर्गत आते हैं। आपको बता दें यह पूरे इंटरनेट का केवल लगभग 5% है।

What is Dark Web - in Hindi)

डीप वेब

यह इंटरनेट का वह भाग है जिसमें आप किसी जानकारी को केवल सर्च इंजन की सहायता से हासिल नहीं कर सकते। यह जानकारी सर्च इंजन में मौजूद नहीं होती इस जानकारी को हासिल करनें के लिए आपको विशेष अनुमति की आवश्यकता होती है जिसके बाद आप अपने सामान्य ब्राउज़र में ऐसी जानकारी ऐक्सेस कर सकते हैं। इसके अंतर्गत ऐसी सभी जानकारियाँ आती हैं जो किसी पासवर्ड द्वारा सुरक्षित होती हैं। जैसे आपके ई-मेल खाते, सोशियल मीडिया एकाउंट, क्लाउड स्टोरेज, कोई ऐसी सामग्री जिसकी आपने सदस्यता ली हो, कंपनियों, सरकारों, संस्थाओं आदि का निजी डेटा आदि।

डार्क वेब

इंटरनेट का अंतिम प्रकार है डार्क वेब (Dark Web in Hindi)। अक्सर लोगों को यह वहम होता है कि डार्क वेब इंटरनेट का गैरकानूनी रूप है किंतु यह पूर्ण रूप से सत्य नहीं है। आइये विस्तार से समझते हैं डार्क वेब को। जैसा कि हमने अपने VPN वाले लेख में समझाया है कि किस प्रकार आपके द्वारा उपयोग किये जाने वाले इंटरनेट की पूरी जानकारी आपके ISP के पास होती है, जिस कारण आपकी निजता सुरक्षित नहीं रह जाती।

इसी को ध्यान में रखते हुए मध्य 1990 में अमरीकी नेवल रिसर्च लेबोरेटरी द्वारा एक प्रोजेक्ट TOR द अनियन राउटर की शुरुआत की गयी जिसका उस समय मुख्य उद्देश्य अमरीकी खुफिया संचार को सुरक्षित करना था। 2002 में इस प्रोजेक्ट को पूरा कर शुरू कर दिया गया तथा सन 2004 में इसे आम जनता के उपयोग के लिए खोल दिया गया।

इसका मुख्य उद्देश्य सरकारों या संस्थाओं से आपकी निजता या आप इंटरनेट पर क्या कर रहे हैं उसे सुरक्षित करना है। चूँकि यहाँ उपयोगकर्ता की पहचान पूर्णतः गुप्त होती है अतः डार्क वेब गैरकानूनी कार्यों जैसे तस्करी, जाली करेंसी का व्यापार, ड्रग डीलिंग, गैरकानूनी हथियारों की खरीद बिक्री, किसी का निजी डेटा चुराकर उसे किसी किसी अन्य व्यक्ति को बेचना आदि के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

कैसे करता है काम?

आइये समझते हैं डार्क वेब की कार्यप्रणाली क्या है? जैसा कि आप जानते हैं कोई भी उपकरण जो इंटरनेट का उपयोग कर पाने में संभव है उसे एक पहचान IP एड्रेस के रूप में दी गयी है। इसी IP एड्रेस की मदद से आपका ISP, कोई सरकारी एजेंसी या कोई हैकर आपकी गतिविधियों पर नज़र रख सकता है। अतः अप्रत्यक्ष रूप से यह IP एड्रेस आपके उपकरण की पहचान न होकर आपकी पहचान बन जाती है।

हमने VPN वाले लेख में समझाया था किस प्रकार आप VPN से जुड़कर अपना IP एड्रेस तथा उसकी भौगोलिक स्थिति बदल सकते हैं तथा अपनी निजता की सुरक्षा कर सकते हैं। यहाँ संक्षेप में आपको बता दें VPN या वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क एक सर्वर है जिससे जुड़नें के बाद आपके द्वारा इंटरनेट पर भेजा जाने वाला कोई भी निवेदन इस सर्वर द्वारा आप तक पहुँचाया जाता है, और IP एड्रेस तथा भौगोलिक स्थिति भी इसी सर्वर की इस्तेमाल होती है। ऐसे में आप अपने ISP या किसी अन्य संस्था जो आप अपर नज़र रख रही हो से बच जाते हैं।

डार्क वेब भी इसी कार्यप्रणाली पर काम करता है। जहाँ VPN में आप एक समय में केवल एक सर्वर से जुड़े होते हैं वहीं डार्क वेब में आप बहुत से VPN सर्वरों से जुड़ जाते हैं और आपके द्वारा इंटरनेट पर किसी विषय को खोजने का निवेदन इन्हीं अलग अलग सर्वरों द्वारा पूरा किया जाता है। इस प्रकार सर्वरों का एक जाल बन जाता है और उस आवेदन को बैक ट्रेस कर पाना असंभव हो जाता है, जिस कारण यह पता नहीं लगाया जा सकता की उस आवेदन की शुरुआत किस IP एड्रेस या किस उपकरण से हुई थी।

कैसे इस्तेमाल करें डार्क वेब?

आपको बता दें डार्क वेब का इस्तेमाल करना गैरकानूनी नहीं है जब तक कि आप इसका इस्तेमाल किसी गैरकानूनी कार्य के लिए नहीं करते। आइये समझते हैं आप इसका इस्तेमाल किस प्रकार कर सकते हैं। डार्क वेब को किसी सामान्य ब्राउज़र से चला पाना संभव नहीं है, इसके लिए आपको TOR ब्राउज़र का इस्तेमाल करना होता है। इस ब्राऊज़र को आप TOR की ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। जैसा कि हमने बताया डार्क वेब (Dark Web in Hindi) में आपका आवेदन कई अन्य सर्वरों से होता हुआ जाता है अतः हो सकता है किसी सर्वर से आपका निजी डेटा चुरा लिया जाए अतः TOR ब्राउज़र में अपना ईमेल, इंटरनेट बैंकिंग, सोशियल मीडिया एकाउंट्स आदि महत्वपूर्ण कार्य न करें।

जिस प्रकार हमारे दैनिक जीवन मे उपयोग की जाने वाली वेबसाइटों का अंत .com .in .net .gov .edu आदि से होता है। वहीं डार्क वेब से जुड़ी वेबसाइटों का अंत .onion से होता है ऐसी वेबसाइट होस्ट करने वाले लोग अपने निजी सर्वर का इस्तेमाल करते हैं। आपकी सुरक्षा के लिए बता दें आप ऐसी वेबसाइटों को न खोंले जिनका अंत .onion से होता हो क्योंकि ऐसी वेबसाइट के गैरकानूनी गतिविधियों में संलग्न होने की अधिक संभावनाएं होती हैं। 

उम्मीद है दोस्तो आपको ये लेख (What is Dark Web in Hindi) पसंद आया होगा टिप्पणी कर अपने सुझाव अवश्य दें। अगर आप भविष्य में ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में पढ़ते रहना चाहते हैं तो हमें सोशियल मीडिया में फॉलो करें तथा हमारा न्यूज़लैटर सब्सक्राइब करें। तथा इस लेख को सोशियल मीडिया मंचों पर अपने मित्रों, सम्बन्धियों के साथ साझा करना न भूलें।

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