Dark Matter & Dark Energy In Hindi: डार्क मैटर तथा डार्क एनर्जी क्या हैं, यहाँ जानें इनसे जुड़ी पूरी जानकारी

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Dark Matter & Dark Energy In Hindi: करोड़ों वर्षों की यात्रा के बाद जैसे-जैसे धरती पर मानव सभ्यता का विकास हुआ है, वैसे-वैसे हमें प्रकृति और विज्ञान के कई अनसुलझे पहलुओं, रहस्यों आदि के बारे में भी पता चलता गया है। समय के साथ-साथ वैज्ञानिकों ने विज्ञान के कई ऐसे रहस्यों से पर्दा उठाने का काम किया है जिसे आदिकाल में किसी चमत्कार या दैवीय शक्ति के रूप में देखा जाता था। प्रकृति का ऐसा ही एक रहस्य Dark Matter तथा Dark Energy भी हैं, जिनके बारे में आज इस लेख में हम विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे।

स्वागत है आपका विज्ञान से जुड़े एक और नए लेख में जहाँ आज हम विज्ञान के एक बेहद रोचक और रहस्यमयी विषय Dark Matter तथा Dark Energy के बारे में समझने का प्रयार करेंगे, अपने इस लेख में हम डार्क मैटर तथा डार्क एनर्जी से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों जैसे Dark Matter क्या है? Dark Energy क्या होती है? Dark Matter और Dark Energy का क्या संबंध है? Dark Matter कहाँ से आता है तथा Dark Matter और Dark Energy के संबंध में वैज्ञानिकों के पास क्या प्रमाण मौजूद हैं आदि पर चर्चा करेंगे।

डार्क मैटर क्या है? (Dark Matter in Hindi)

विज्ञान की कई शाखाएं हैं जैसे जन्तु विज्ञान, पादप विज्ञान, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान आदि विज्ञान की एक और शाखा भी है जो इसकी सभी शाखाओं में सबसे अधिक रोचक एवं रहस्यमयी है और सदियों से रहस्यमयी रही है, हम बात कर रहे हैं “खगोल विज्ञान” की खगोल विज्ञान के अंतर्गत अंतरिक्ष तथा आकाशीय पिंडों जैसे ग्रहों, तारों, उपग्रहों आदि का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है।

खगोल विज्ञान की ही एक महत्वपूर्ण परिकल्पना डार्क मैटर तथा डार्क एनर्जी है, जिसे हम यहाँ समझने का प्रयास करेंगे। सबसे पहले Dark Matter के बारे में जानते हैं, डार्क मैटर दो शब्दों डार्क तथा मैटर से मिलकर बना है, Dark अर्थात काला और मैटर का अर्थ होता है पदार्थ जिसे विभिन्न रूपों में हम सुबह से शाम तक अपने आस-पास देखते रहते हैं। डार्क मैटर एक ऐसा मैटर या पदार्थ है जिसे हम देख नहीं सकते हैं।

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आपको बता दें कोई भी पदार्थ हमें केवल तभी दिखाई देता है जब या तो वह प्रकाश का उत्सर्जन करता है जैसे कोई तारा, सूर्य, विद्युत बल्ब आदि अथवा प्रकाश का परावर्तन करता है जैसे संसार में दिखाई देने वाली अधिकांश वस्तुएं। किन्तु Dark Matter की स्थिति में ऐसा नहीं होता यह पदार्थ का ऐसा रूप है जो ना ही पदार्थ का उत्सर्जन करता है और न ही उसका परावर्तन इसलिए यह दिखाई नहीं देता है और इसे Dark Matter कहा जाता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि पूरे ब्रह्मांड का जितना भी पदार्थ हमें दिखाई देता है वह केवल 5 फीसदी ही है जबकि ब्रह्मांड का 95 फीसदी हिस्सा Dark Matter तथा Dark Energy से मिलकर बना है। वैज्ञानिकों के अनुसार Dark Matter एक प्रकार का पदार्थ ही है परिणामस्वरूप इसका कुछ द्रव्यमान भी होगा अतः इस पदार्थ की उपस्थिति किसी साधारण पदार्थ पर उसके गुरुत्व प्रभाव से महसूस की जा सकती है और वैज्ञानिक इस दिशा में कई शोध कार्यों को भी कर रहे हैं।

डार्क एनर्जी क्या है? (Dark Energy in Hindi)

अभी तक आप Dark Matter क्या है इसके विषय में जान चुके हैं आइए अब Dark Energy क्या है इस सवाल से पर्दा उठाने का प्रयास करते हैं। गौरतलब है कि, डार्क एनर्जी वैज्ञानिकों की एक अवधारणा है, यह एक ऐसी रहस्यमयी ऊर्जा या बल है जिसे अभी तक समझा नहीं जा सका है किन्तु वैज्ञानिकों को इस प्रकार की किसी ऊर्जा के ब्रह्मांड में होने के संकेत अवश्य मिले हैं। तो आखिर क्या है डार्क एनर्जी आइए जानते हैं।

आपने अंतरिक्ष से जुड़ी चर्चाओं में अक्सर यह सुना होगा कि, अंतरिक्ष अपने शुरुआत से ही लगातार फैल रहा है अतः वैज्ञानिकों का मानना है कि, एक ऐसी ऊर्जा या बल अंतरिक्ष में मौजूद है जो इसके विस्तार के लिए जिम्मेदार है या विभिन्न आकाशीय पिंडों को एक दूसरे से दूर कर रहा है और इसी बल या ऊर्जा को वैज्ञानिकों ने Dark Energy का नाम दिया है।

आज जानते हैं कि, प्रकृति के चार मौलिक बलों में गुरुत्वाकर्षण बल भी शामिल हैं जो कि, किन्हीं दो पिंडों के बीच एक आकर्षण का बल होता है। डार्क एनर्जी के संबंध में वैज्ञानिकों का मानना है कि, यह गुरुत्वाकर्षण के समान किन्तु विपरीत एक बल है जो दो द्रव्यमान युक्त दो पिंडों के बीच प्रतिकर्षण का बल लगाता है। खगोलविदों के अनुसार डार्क एनर्जी एक प्रकार का काल्पनिक बल है, इसका दबाव ऋणात्मक होता है और यह सारे ब्रह्मांड में फैला हुआ है।

Dark Matter का पता कैसे चला?

भले ही Dark Matter तथा Dark Energy के संबंध में अभी वैज्ञानिकों के पास कोई ठोस जानकारी उपलब्ध नहीं है किन्तु डार्क मैटर तथा डार्क एनर्जी ब्रह्मांड में मौजूद हैं इस बारे में कई खगोलीय घटनाएं वर्षों पूर्व संकेत दे चुकी हैं। डार्क मैटर की बात करें तो ब्रह्मांड में मौजूद कई तथ्य इस ओर इशारा करते हैं कि सम्पूर्ण ब्रह्मांड में पदार्थ की मात्रा, कुल निरीक्षित मात्रा से कही ज्यादा है और इस बात से वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि, पदार्थ का यह रूप जो दिखाई नहीं देता है वह Dark Matter ही है।

Dark Matter के होने के संकेत सबसे पूर्व एक स्वीस विज्ञानी फ्रीटज झ्वीस्की ने अपने एक प्रयोग के दौरान दिए थे। बता दें कि, फ्रीटज झ्वीस्की कैलीफोर्निया ईन्स्टीट्युट आफ टेक्नॉलजी के वैज्ञानिक थे। उन्हें “कोमा आकाशगंगा समुह” जिसे कोमा क्लस्टर भी कहा जाता है पर अपने एक गणितीय अध्ययन के दौरान कुछ लापता द्र्व्यमान का ज्ञान हुआ। उन्होंने कोमा आकाशगंगा समुह के किनारे की आकाशगंगाओ की गति के आधार पर कोमा आकाशगंगा समुह के द्रव्यमान की गणना करी

किन्तु जब उन्होंने ज्ञात द्रव्यमान की तुलना आकाश गंगा समुह (कोमा क्लस्टर) की प्रकाश दीप्ति के आधार पर ज्ञात द्रव्यमान से की तो उन्होंने पाया कि वहां पर अपेक्षा से 400 गुना अधिक द्रव्यमान है। इससे झ्वीस्की इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि, वहां पर कुछ अदृश्य पदार्थ होना चाहीये जो इस आकाशगंगा समुह को उचित द्रव्यमान और गुरुत्व प्रदान कर रहा है और यहीं से Dark Matter जैसी किसी अवधारणा की शुरुआत हुई।

Dark Matter किन कणों से मिलकर बना है?

डार्क मैटर के संयोजन या संरचना की बात करें तो अभी इस विषय में कोई ठोस जानकारी मौजूद नहीं है किन्तु वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यह नये मूलभूत कणों जैसे विम्प (Weakly Interacting Massive Particles) और एक्सीआन (Axions), साधारण और भारी न्युट्रीनो, वामन तारों और ग्रहो तथा गैसों के बादल से बना हो सकता है। WIMP तथा Axions एक प्रकार के काल्पनिक कण हैं।

हालिया किये गए शोधों के अनुसार डार्क मैटर की संरचना नये मूलभूत कणों जिसे नॉन-बायरोनिक डार्क मैटर कहा जाता है से होने की संभावना है। आपको बता दें कि, इलेक्ट्रान, न्युट्रान और प्रोटान को बायरान भी कहा जाता है और इनसे बने पदार्थों को बायरोनिक पदार्थ कहा जाता है अतः नॉन-बायरोनिक पदार्थ ऐसा पदार्थ है जो इलेक्ट्रान, न्युट्रान और प्रोटान जैसे कणों से मिलकर नहीं बना है।

Dark Energy का पता कैसे चला?

जैसा कि, हमनें पूर्व में बताया वैज्ञानिकों का मानना है डार्क एनर्जी ही ब्रह्मांड के विस्तार या फैलाव के लिए जिम्मेदार है। डार्क एनर्जी की अवधारणा को साल 1998 में बल मिला जब वैज्ञानिकों के दो भिन्न समूह विभिन्न आकाशगंगाओं में विस्फोट की प्रक्रिया से गुजर रहे सितारों का अध्ययन कर रहे थे।

वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में पाया की ये सुपरनोवा विस्फोट का प्रकाश या चमक अपेक्षित चमक दूसरे शब्दों में जितना उसे होना चाहिए था उससे कम है, इसका मतलब यह था कि, सुपरनोव विस्फोट से संबंधित सितारों को जितने पास होना चाहिये थी, वे उससे कहीं अधिक दूर थे और इसका सीधा मतलब था ब्रह्मांड के विस्तार की गति कुछ काल पहले की तुलना में बढ़ गयी है।

Dark Matter & Dark Energy In Hindi

इस घटना से पूर्व तक यह माना जाता रहा था कि, ब्रह्मांड का विस्तार गुरुत्वाकर्षण बल के चलते समय के साथ कम होते जा रहा है किन्तु इस घटना ने वैज्ञानिकों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि, कोई अन्य रहस्यमयी बल भी अंतरिक्ष में मौजूद है जो गुरुत्वाकर्षण बल के विपरीत कार्य कर रहा है तथा ब्रह्मांड के विस्तार की गति को बढ़ा रहा है और यहीं से Dark Energy की परिकल्पना करी गई।

उम्मीद है दोस्तों आपको विज्ञान से जुड़ा यह रोचक लेख Dark Matter और Dark Energy क्या हैं? पसंद आया होगा। आप अपनी राय एवं अपने सुझाव हमें कमेन्ट के माध्यम से दे सकते हैं। यदि आप विज्ञान, टेक्नॉलजी, फाइनेंस, राजनीति जैसे विषयों से ज्ञानवर्धक जानकारी पाना चाहते हैं तो हमें फॉलो करें।

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