इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet of Things) तकनीक या IoT क्या है तथा यह मानव जीवन के लिए किस प्रकार उपयोगी होगा?

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आपका जानकारी ज़ोन में जहाँ हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन कमाई तथा यात्रा एवं पर्यटन जैसे अनेक क्षेत्रों से महत्वपूर्ण तथा रोचक जानकारी आप तक लेकर आते हैं। आज इस लेख में हम बात करेंगे तकनीकी के एक महत्वपूर्ण एवं आधुनिक स्वरूप इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet of things in Hindi) की, जानेंगे यह क्या है और कैसे हमारे जीवन को बदल सकता है।

क्या है इंटरनेट ऑफ थिंग्स?

इंटरनेट ऑफ थिंग्स (Internet of Things) प्रौद्योगिकी के विकास का एक नया दौर है, जो आने वाले समय में हमारे जीवन को एक नए आयाम में ले जाने में मदद करेगा। आइये विस्तार से समझते हैं आखिर अक्सर सुनाई देने वाला शब्द IoT या इंटरनेट ऑफ थिंग्स क्या है? IoT एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहाँ सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण इंटरनेट की सहायता से जुड़े होते हैं तथा उनमें लगे विभिन्न सेंसर्स की मदद से अपने उपयोगकर्ता के सम्बंध में सूचनाओं को इस प्लेटफ़ॉर्म में संरक्षित करते हैं।

इसे और आसान भाषा में एक उदाहरण की सहायता से समझते हैं मान लीजिए आप किसी सुबह अपने घर से दफ्तर के लिए निकलते हैं और घर से निकलने से पूर्व घर में उपयोग किये जाने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को बंद करना भूल जाते हैं। अब क्या हो यदि कोई ऐसा प्लेटफॉर्म, जिससे आपके सभी उपकरण इंटरनेट की सहायता से आपस में जुड़े हैं, आपके मोबाइल के GPS का इस्तेमाल कर यह निष्कर्ष निकाल ले कि, आप घर में नहीं हैं और आपके घर में सभी अनावश्यक रूप से खुले उपकरणों को बंद होने के लिए निर्देशित करे, इंटरनेट ऑफ थिंग्स ऐसा ही एक प्लेटफॉर्म है।

कैसे करता है काम?

उम्मीद है आप IoT को समझ चुके होंगे आइये अब समझते हैं यह कैसे कार्य करता है। IoT एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जो इससे जुड़े आपके सभी उपकरणों से विभिन्न रूपों में डेटा ग्रहण करता रहता है तथा उस डेटा का विश्लेषण कर उसे अन्य उपकरणों को प्रेषित करता है, जिससे आपके उपयोग किये जाने वाले सभी उपकरणों के बीच एक कम्युनिकेशन नेटवर्क बन जाता है और इस पूरे नेटवर्क के केंद्र बिंदु आप स्वयं होते हैं।

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आपको बेहतर सुविधाएं दी जा सके इसके लिए ये सभी उपकरण आपके व्यवहार को समझने की कोशिश करते हैं तथा उस सूचना को स्टोर करके एवं आपस में ताल मेल बैठा कर काम करते है। ये सभी उपकरण इनमें लगे बहुत से सेंसर्स की सहायता से ऐसी जानकारी इकट्ठा करते हैं।

IoT के अनुप्रयोग

आइये अब समझते हैं IoT के कुछ अनुप्रयोगों को और जानते हैं किन-किन क्षेत्रों में हम इसका इस्तेमाल कर अपने जीवन को आसान बना सकते हैं।

स्मार्ट होम

IOT का सबसे पहला अनुप्रयोग है स्मार्ट होम। एक ऐसा घर, जहाँ सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे एयर कंडीशनर, घर की लाइट, सुरक्षा कैमरे, दरवाजों में लगे इलेक्ट्रॉनिक ताले आदि को इंटरनेट से जोड़ कर उन्हें काम में लिया जाता है। ये सभी उपकरण इनमें लगे सेंसर की मदद से कार्य करते हैं तथा एक उपकरण की किसी क्रिया से उससे जुड़े अन्य उपकरण भी प्रतिक्रिया करने लगते हैं।

जैसे यदि आप दरवाजों को लॉक किये बिना घर से चले जाते हैं तो एक निश्चित समय के बाद दरवाजे स्वतः बंद हो जाएंगे और दरवाजों के इस प्रकार बंद होने के बाद अन्य अनावश्यक खुले उपकरणों को यह संदेश जाएगा कि, आप घर से जा चुके हैं अतः ऐसी स्थिति में अन्य उपकरण भी स्वतः बंद हो जाएंगे।

Internet of things in Hindi

स्मार्ट शहर

IoT का एक अन्य महत्वपूर्ण अनुप्रयोग है स्मार्ट शहर, जिसमें शहर के लिए स्मार्ट निगरानी तंत्र, स्मार्ट परिवहन सेवा तथा बिजली, पानी, जैसी सुविधाओं का स्मार्ट तरीके से प्रबंधन करना शामिल है। इससे किसी शहर में रहने वाले लोगों का जीवन आसान बनाया जा सकता है। किसी शहर को स्मार्ट बनाकर IoT का उपयोग करने के कुछ फायदे निम्न हैं।

  • शहर के लोगों को यातायात की रियल टाइम में जानकारी।
  • परिवहन सेवा की रियल टाइम में जानकारी।
  • बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं में होने वाली गड़बड़ी का सटीकता से पता।
  • शहर में लगे स्मार्ट कूड़ेदानों के भर जाने का नगर निकायों को तुरंत जानकारी
  • स्मार्ट सुरक्षा तंत्र से अपराधों में कमी।

कृषि

कृषि के क्षेत्र में भी IoT महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, जिससे देश के किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके तथा फसलों को सड़ने अथवा बर्बाद होने से भी बचाया जा सके। IoT आधारित कृषि में स्मार्ट ग्रीनहाउस, ड्रोन द्वारा खेतों का निरीक्षण, अनेक सेंसर्स द्वारा खेतों में उपस्थित नमी एवं पोषक तत्वों की मात्रा की जानकारी आदि हैं।

पहनने योग्य उपकरण

इसमें आपके निजी उपयोग किये जाने वाले उपकरण जैसे स्मार्ट घड़ियाँ, स्मार्ट फोन आदि आते हैं, जो इनमें लगे अनेक सेंसर्स की मदद से आपकी प्रत्येक गतिविधियों पर नज़र रखते हैं। जैसे आप दिन भर में कितना चलते हैं, कहाँ जाते हैं, आपने कितनी देर कोई संगीत सुना, आप कितनी देर तक सोएम, आपके ह्रदय की गति क्या है तथा आपका रक्तदाब कितना है आदि तथा इन्हीं जानकारियों को स्टोर कर आपके अनुरूप कार्य करते हैं, और यदि इन उपकरणों को आपकी कोई गतिविधि असामान्य लगती है जैसे असामान्य ह्र्दयगति, रक्तदाब या असामान्य निंद्रा तो ऐसी स्थिति में ये उपकरण आपको इसकी सूचना देते हैं।

IoT के नुकसान

अभी तक हमनें IoT तकनीक के सकारात्मक प्रभावों के बारे में चर्चा की, किंतु प्रौद्योगिकी के नकारात्मक प्रभावों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जिस प्रकार समय के साथ प्रौद्योगिकी में हमारी निर्भरता बढ़ती जा रही है, उसके हमारे जीवन में कई दुष्प्रभाव भी हैं। प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से लोगों के जीवन से शारीरिक श्रम बहुत कम हो गया है, जिसके चलते कम उम्र में ब्लड प्रेशर तथा शुगर जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

चूँकि कोई भी प्रौद्योगिकी सुरक्षा की दृष्टि से अभेद्य नहीं होती अतः प्रौद्योगिकी पर पूर्णतः निर्भर रहना हमारी निजता के लिए भी एक खतरा बन सकता है। प्रौद्योगिकी के दुष्प्रभावों से बचे रहने के लिए हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में प्रौद्योगिकी का एक संतुलित मात्रा में प्रयोग करें।

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