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क्या है नीति आयोग? | NITI Aayog in Hindi

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आपका जानकारी ज़ोन में जहाँ हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन कमाई तथा यात्रा एवं पर्यटन जैसे क्षेत्रों से महत्वपूर्ण तथा रोचक जानकारी आप तक लेकर आते हैं। आज इस लेख में चर्चा करेंगे देश के महत्वपूर्ण थिंक टैंक नीति आयोग (NITI Aayog in Hindi) के बारे में तथा देखेंगे यह किस प्रकार कार्य करता है तथा देश के विकास में इसका कितना योगदान है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

नीति आयोग को समझने से पूर्व इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझना आवश्यक है। आज़ादी के बाद देश में विकास की यात्रा को सुचारू रूप से चलाने तथा भारत में सामाजिक आर्थिक विकास के लिए एक शीर्ष अंग का निर्माण करने के उद्देश्य से मार्च 1950 में भारत सरकार द्वारा एक निकाय की स्थापना की गई जो 1946 में गठित एक सलाहकार बोर्ड की सिफारिशों के अनुरूप था। इसका नाम योजना आयोग रखा गया।

यह व्यवस्था तत्कालीन सोवियत संघ के समाजवादी शासन की संरचना थी, जिसमें योजनाएँ बनाकर काम किया जाता था। गौरतलब है की पंचवर्षीय योजनाएं भी सोवियत संघ की ही व्यवस्था थी। योजना आयोग के महत्वपूर्ण कार्यों में देश के भौतिक, पूजी तथा मानव संसाधन का आँकलन करके उनकी संवर्द्धि की संभावनाएं तलाशना, देश के संसाधनों का प्रभावी एवं संतुलित उपयोग हेतु योजनाएँ निर्मित करना, आर्थिक विकास को गति प्रदान करना, योजनाओं को लागू करने में हुई प्रगति का समय समय पर मूल्यांकन करना तथा समस्याओं का समाधान करना आदि थे।

नीति आयोग (NITI Aayog in Hindi)

वर्ष 2014 में देश में BJP सत्ता में आई तथा नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। तत्पश्चात 13 अगस्त 2014 को मोदी सरकार ने 65 वर्षीय योजना आयोग को भंग कर इसके स्थान पर भविष्य में एक नए निकाय की स्थापना की घोषणा की जिसके फलस्वरूप 1 जुलाई 2015 से नीति आयोग की स्थापना की गयी। योजना आयोग की भांति यह भी केंद्रीय सरकार के कार्यकलकीय संकल्प के द्वारा निर्मित निकाय है अर्थात यह न तो कोई संवैधानिक निकाय है और न ही कोई वैधानिक निकाय।

नीति आयोग भारत सरकार की नीति निर्माण की शीर्ष मंडल या थिंक टैंक है। केंद्र सरकार के लिए रणनीतिक तथा दीर्घकालीन नीतियों कार्यक्रमों का प्रकल्प तैयार करने के अलावा नीति आयोग केंद्र तथा राज्य सरकारों को आवश्यक तकनीकी सलाह भी देता है। बता दें की दशकों से चले आ रहे योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग (NITI Aayog in Hindi) की स्थापना के पीछे योजना आयोग का वर्तमान परिदृश्य में अधिक प्रभावी न होना था। प्रत्येक राज्य की अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक स्थिति भिन्न हैं अतः सभी पर एक प्रारूप लागू किया जाना वर्तमान समय में अप्रासंगिक है।  

नीति आयोग की स्थापना के उद्देश्य

आयोग की स्थापना के पीछे भारत सरकार के निम्नलिखित उद्देश्य हैं।

  1. ऐसे क्षेत्र जो आर्थिक प्रगति से पूर्ण रूप से लाभान्वित नहीं हैं उन क्षेत्रों अथवा वर्गों पर विशेष ध्यान देना।
  2. रणनीतिक तथा दीर्घकालिक नीति एवं कार्यक्रम रूपरेखा का निर्माण करना, उनकी प्रगति तथा सक्षमता का अनुश्रवण करना।
  3. प्रमुख हित धारकों एवं राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय समान सोच वाले थिंक टैंक, शैक्षिक तथा नीतिगत शोध संस्थानों के मध्य साझेदारी को प्रोत्साहित करना। 
  4. राष्ट्रीय तथा अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों के सहयोगी समुदाय के माध्यम से ज्ञान, नवाचार एवं उद्यमिता पूर्ण समर्थक प्रणाली का विकास करना।
  5. राष्ट्रीय उद्देश्य के आलोक में राज्यों की सक्रिय सहभागिता से राष्ट्रीय विकास प्राथमिकताओं के प्रति साझा दृष्टिकोण का विकास।
  6. ग्राम स्तर पर विश्वशनिय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रक्रियाओं का विकास करना ।
  7. अंतर विभागीय मामलों के समाधान के लिए एक साझा मंच उपलब्ध करवाना ताकि विकास के एजेंडे को तीव्र गति से लागू किया जा सके।
  8. योजनाओं तथा कार्यक्रमों के तीव्र क्रियान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी को विकसित तथा इस्तेमाल करना।
  9. राज्यों को कला संसाधन केंद्र के रूप में विकसित करना एवं सतत और न्यायसंगत विकास में सर्वोत्तम तरीके अपनाना तथा विभिन्न हित धारकों तक उनको पहुँचाना।

आयोग की संरचना

आयोग की संरचना की बात करें तो भारत के प्रधानमंत्री इसके अध्यक्ष होते हैं तथा प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त अन्य व्यक्ति नीति आयोग का उपाध्यक्ष होता है। इनके अतिरिक्त अन्य सदस्य निम्नलिखित हैं।

संचालन परिषद : सभी राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रशासित प्रदेशों के उप-राज्यपाल

क्षेत्रीय परिषद : विशिष्ट क्षेत्रीय मुद्दों को संबोधित करने के लिये प्रधानमंत्री या उसके द्वारा नामित व्यक्ति मुख्यमंत्रियों और उप-राज्यपालों की बैठक की अध्यक्षता करता है।

तदर्थ सदस्य : अग्रणी अनुसंधान संस्थानों से बारी-बारी से 2 पदेन सदस्य।

पदेन सदस्य : प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के अधिकतम चार सदस्य।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) : भारत सरकार का सचिव जिसे प्रधानमंत्री द्वारा एक निश्चित कार्यकाल के लिए नियुक्त किया जाता है।

विशेष आमंत्रित : प्रधानमंत्री द्वारा नामित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ।

नीति आयोग एवं योजना आयोग में अंतर

योजना आयोग  नीति आयोग 
योजना आयोग को विभिन्न नीतियों को राज्यों में लागू करवाने का अधिकार था।  नीति आयोग को अपनी नीतियाँ राज्यों में लागू करने का अधिकार नहीं है यह केवल एक सलाहकार बोर्ड की तरह कार्य करता है। 
इसे राज्यों तथा केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों को विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन हेतु धनराशि आवंटित करने का अधिकार था।  नीति आयोग को धन आवंटित करने का अधिकार नहीं है बल्कि यह अधिकार केवल वित्त मंत्रालय को दिया गया है। 
योजना आयोग में राज्यों की भागीदारी बहुत हद तक सीमित थी। नीति आयोग में राज्यों की पूर्ण भागीदारी सुनिश्चित की गई है अतः यह सहकारी संघवाद की भावना पर कार्य करता है 
योजना आयोग में विशेष आमंत्रित सदस्यों की व्यवस्था नहीं की गई थी।  नीति आयोग में आवश्यकता पड़ने पर किसी परिस्थिति के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में विशेष अनुभव रखने वाले लोगों को सदस्य के तौर पर शामिल किया जा सकता है। 
सचिवों को सामान्य प्रक्रिया के माध्यम से नियुक्त किया जाता था। प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त सचिवों को CEO के रूप में जाना जाता है।

 

उम्मीद है दोस्तो आपको ये लेख (NITI Aayog in Hindi) पसंद आया होगा टिप्पणी कर अपने सुझाव अवश्य दें। अगर आप भविष्य में ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में पढ़ते रहना चाहते हैं तो हमें सोशियल मीडिया में फॉलो करें तथा हमारा न्यूज़लैटर सब्सक्राइब करें एवं इस लेख को सोशियल मीडिया मंचों पर अपने मित्रों, सम्बन्धियों के साथ साझा करना न भूलें।

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