CBC (Complete Blood Count) टेस्ट क्या है तथा इससे क्या पता लगाया जाता है?

किसी भी व्यक्ति के लिए अच्छे स्वास्थ्य का होना बेहद आवश्यक है, किन्तु दूषित खान-पान, वातावरण आदि के चलते हम प्रतिदिन अनेकों अनेक रोग उत्पन्न करने वाले कारकों जैसे विषाणु (Virus), जीवाणु (Bacteria), कवक (Fungus), प्रोटोजोआ (Protozoa) आदि के संपर्क में आते रहते हैं। हालाँकि इनमें से अधिकांश रोगाणुओं का हमारे शरीर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता अथवा हमें इनके होने का आभास नहीं हो पाता, क्योंकि हमारे शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र है इन बाहरी कारकों से हमारे शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है।

किन्तु कई रोगाणु हमारे शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को भेदने में सफल हो जाते हैं तथा शरीर को अलग-अलग प्रकार से नुकसान पहुँचाते हैं, जिसकी जानकारी हमारा शरीर विभिन्न तरीकों से देता है। इनमें कुछ संकेत बाहरी होते हैं, जो हमारे द्वारा अनुभव भी किये जाते हैं, जैसे खाँसी, बुखार, उल्टी आदि, जबकि अन्य चिकित्सा जाँचों द्वारा पता लगाए जाते हैं।

इन्हीं जाँचों में एक महत्वपूर्ण जाँच रक्त से संबंधित है, जिसे CBC (Complete Blood Count) के रूप में जाना जाता है। आज इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे CBC (Complete Blood Count) टेस्ट क्या है, क्यों किया जाता है अथवा इससे क्या निष्कर्ष निकाला जाता है।

CBC (Complete Blood Count) टेस्ट क्या है?

CBC अथवा पूर्ण रक्त गणना (Complete Blood Count) रक्त से संबंधित एक प्रारम्भिक और सामान्य जाँच है, जिसे आमतौर पर केवल “ब्लड टेस्ट” के रूप में भी जाना जाता है। यह जाँच सामान्यतः शरीर में मौजूद किसी इन्फेक्शन या विकार का पता लगाने में सहायक होती है। इस टेस्ट की कार्यप्रणाली को सही से समझने के लिए रक्त के बारे में कुछ मूलभूत बातें जान लेना आवश्यक है। हमारा रक्त एक तरल संयोजी ऊतक है अर्थात यह विभिन्न कोशिकाओं से मिलकर बना होता है, जिनमें लाल रक्त कोशिकाएं, श्वेत रक्त कोशिकाएं तथा प्लेटलेट्स शामिल होते हैं।

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लाल रक्त कोशिकाएं (RBC) इसके कोशिकाद्रव्य में पाए जाने वाले पदार्थ हीमोग्लोबिन के माध्यम से शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने का काम करती हैं। श्वेत रक्त कोशिकाएं (WBC) हमारे शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जिम्मेदार हैं, ये पाँच भिन्न प्रकार (Neutrophils, Eosinophils, Basophils, Monocytes, Lymphocytes) की कोशिकाओं से मिलकर बनी होती हैं। इसके अतिरिक्त प्लेटलेट्स शरीर में खून का थक्का बनाने में मदद करता है।

CBC (Complete Blood Count) जैसा कि, इसके नाम से भी ज्ञात होता है यह रक्त में मौजूद विभिन्न घटकों की संख्या की गणना करता है तथा इन घटकों की संख्या के असामान्य होने अथवा इनमें किसी प्रकार की असामान्य वृद्धि या कमी होने की स्थिति में शरीर में मौजूद किसी विकार का पता लगाया जाता है। उदाहरण के तौर पर शरीर में श्वेत रक्त कोशिकाओं की बढ़ी हुई मात्रा किसी इन्फेक्शन के बारे में बताती है।

CBC टेस्ट कब किया जाता है?

अधिकांशतः शरीर में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर रक्त के विभिन्न घटकों की संख्या असामान्य होने लगती है अतः इस जाँच के द्वारा प्राथमिक तौर पर सम्पूर्ण शरीर की एक तस्वीर तैयार की जा सकती है। CBC जाँच को बीमारी के कोई लक्षण न दिखने (सामान्य स्वास्थ्य जाँच के तौर पर), किसी प्रकार के लक्षणों (थकान, बुखार, कमजोरी, सूजन, रक्तस्राव) के दिखने अथवा किसी अन्य बीमारी के इलाज के दौरान शरीर की स्थिति जाँचने के लिए किया जाता है। CBC Test के द्वारा कई गंभीर बीमारियों को उनके शुरुआती दौर में ही पहचाना जा सकता है।

CBC टेस्ट की प्रक्रिया

चूँकि CBC एक सामान्य रक्त जाँच है, अतः इसे करवाने से पूर्व किसी प्रकार की विशेष तैयारी की कोई आवश्यकता नहीं होती है। हालाँकि जाँच करवाने से पूर्व कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखा जा सकता है, उदाहरण के तौर पर जाँच के लिए जाने से पहले सही मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेटेड रहता है। शरीर के हाइड्रेटेड होने की स्थिति में नसों में रक्त की मात्रा बढ़ जाती है और नसें मोटी हो जाती हैं, जिससे रक्त प्राप्त करना आसान होता है।

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जाँच के दौरान व्यक्ति की बाजू के ऊपरी हिस्से में एक बैंड बाँधा जाता है ताकि, जिस नस से रक्त का नमूना लिया जाना है वह आसानी से दिखाई दे। इसके पश्चात नस को एल्कोहॉल पैड अथवा अन्य तरीके से साफ कर रक्त निकाला जाता है। अधिकांश जाँच की रिपोर्ट कुछ घंटों से लेकर एक दिन के भीतर प्राप्त हो जाती है।

CBC टेस्ट की रिपोर्ट को पढ़ना

CBC रक्त की विभिन्न कोशिकाओं की जाँच के दौरान संख्या की गणना करता है। जाँच की रिपोर्ट को समझने के लिए यह आवश्यक है कि, हमें एक स्वस्थ शरीर में मौजूद विभिन्न कोशिकाओं की संख्या की जानकारी हो। नीचे दिखाई गई सरिणी में हमनें एक स्वस्थ महिला एवं पुरुष के शरीर में पाए जाने वाले विभिन्न रक्त घटकों के बारे में बताया है।

रक्त के घटकपुरुषों में कोशिकाओं की सामान्य रेंजमहिलाओं में कोशिकाओं की सामान्य रेंज
लाल रक्त कोशिकाएं4.35-5.65 million cells/mcL3.92-5.13 million cells/mcL
हीमोग्लोबिन13.2-16.6 grams/dL11.6-15 grams/dL
हेमेटोक्रिट38.3-48.6% 35.5 – 44.9%
श्वेत रक्त कोशिकाएं3,400 to 9,600 cells/mcL3,400 to 9,600 cells/mcL
प्लेटलेट्स135,000 to 317,000/mcL157,000 to 371,000/mcL
mcL : माइक्रोलीटर, dL : डेसीलीटर

क्यों होता है रक्त कोशिकाओं की संख्या में परिवर्तन

कोशिकाएं हमारे शरीर की क्रियात्मक इकाई हैं, भिन्न प्रकार की कोशिकाओं का कार्य भी एक दूसरे से अलग होता है। इसके अतिरिक्त शरीर में मौजूद प्रत्येक तत्व जैसे विभिन्न रसायन, प्रोटीन आदि भी हमारे शरीर में एक निश्चित कार्य को अंजाम हैं, ताकि शरीर की विभिन्न जैविक क्रियाएं पूरी हो सकें। उदाहरण के तौर पर लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला हीमोग्लोबिन शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है।

असामान्य वृद्धि : शरीर में किसी विकार के चलते शरीर को सामान्य से अधिक कार्य करना पड़ता है, लिहाज़ा शरीर ऐसे आवश्यक रसायनों या कोशिकाओं की मात्रा में वृद्धि करने लगता है, जो उस विकार से लड़ने के लिए उत्तरदाई हैं। उदाहरण के तौर पर यदि शरीर में ऑक्सीजन की कमी होने लगे तो शरीर लाल रक्त कोशिकाओं को अधिक मात्रा में निर्मित करने लगता है, ताकि शरीर में ऑक्सीजन की पूर्ति की जा सके। इसी प्रकार कोई इन्फेक्शन या एलर्जी होने की स्थिति में शरीर श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या में वृद्धि करने लगता है।

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असामान्य कमी : रक्त कोशिकाओं में असामान्य कमी होने का मुख्य कारण है, ऐसी कोशिकाओं का उत्पादन करने वाले अंगों में किसी प्रकार के विकार का होना है। यह विकार सामान्यतः शरीर में किसी अन्य बीमारी द्वारा जनित हो सकते हैं अथवा शरीर में महत्वपूर्ण पोषक तत्वों जैसे विटामिन आदि की कमी के कारण भी हो सकते हैं।

CBC टेस्ट द्वारा पता लगाई जाने वाली बीमारियाँ

CBC जाँच द्वारा ज्ञात रक्त कोशिकाओं में कमी अथवा वृद्धि से तत्काल किसी नतीजे तक पहुँचना संभव नहीं है, यह केवल प्राथमिक तौर पर शरीर में हो सकने वाली किसी समस्या के बारे में संकेत देता है। इसके पश्चात कुछ अन्य जाँचों तथा शरीर में दिखने वाले लक्षणों के आधार पर ही किसी बीमारी विशेष के होने की पुष्टि की जा सकती है।

उदाहरण के तौर पर जाँच (CBC test in Hindi) में श्वेत रक्त कोशिकाओं की बढ़ी मात्रा का कारण किसी साधारण इन्फेक्शन से लेकर गंभीर समस्या जैसे बोनमैरो डिसऑर्डर, आर्थराइटिस अथवा कैंसर तक हो सकता है। कुछ शारीरिक समस्याएं जो रक्त कोशिकाओं में असामान्य वृद्धि अथवा कमी का कारण बन सकती हैं, निम्नलिखित हैं-

  • अस्थि मज्जा की समस्या (Bone Merrow Disorder)
  • दिल से संबंधित समस्या
  • प्रतिरक्षा तंत्र (Immune System) से जुड़ी समस्या
  • शरीर में विटामिन, खनिज आदि की कमी
  • किसी अन्य दवा का साइड इफेक्ट
  • कैंसर
  • संक्रमण

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