यहाँ जानें कैसे किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय पार्टी (National Party) का दर्जा दिया जाता है और इसके क्या-क्या फायदे हैं?

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Criteria for Political Party to be Recognized as National Party: 8 दिसंबर 2022 को गुजरात और हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आए, जिनमें गुजरात में भारतीय जनता पार्टी (BJP) जबकि हिमाचल प्रदेश में भारतीय राष्ट्रीय कॉंग्रेस (INC) सरकार बनाती दिखाई दे रही है। आंकड़ों की बात करें तो गुजरात में विधानसभा की कुल 182 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी ने बम्पर 156 सीटों पर जीत हासिल करी है, जबकि कॉंग्रेस 17 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर रही।

इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की बात करें तो यहाँ विधानसभा की कुल 68 सीटों में से कॉंग्रेस 40 पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही और भारतीय जनता पार्टी को केवल 25 सीटों से संतुष्ट होना पड़ा। बहरहाल चुनाव के नतीजों के इतर आज के मुख्य विषय पर आते हैं, गुजरात में इस बार आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी सभी विधानसभा सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे और 5 सीटों पर जीत दर्ज करी।

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गुजरात विधानसभा की 182 सीटों में से केवल 5 सीटें जीतने वाली आम आदमी पार्टी भले ही राज्य में सरकार बनाने में नाकाम रही हो, जिसका पार्टी सपना देख रही थी लेकिन इन 5 सीटों पर जीतने के कारण आम आदमी पार्टी को राष्ट्रीय दल (National Party) का दर्जा अवश्य मिल चुका है। आज इस लेख में विस्तार से समझेंगे कैसे किसी राजनीतिक पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है, किसी पार्टी के लिए राष्ट्रीय पार्टी होने का क्या महत्व है अथवा राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।

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तीन स्तर के होते हैं राजनीतिक दल

देश में राजनीतिक दल मुख्यतः तीन स्तर के होते हैं, जिनमें राष्ट्रीय पार्टियां, राज्य स्तरीय पार्टियां और क्षेत्रीय पार्टियां शामिल हैं। राष्ट्रीय पार्टी (National Party) जैसा कि, इसके नाम से ही स्पष्ट होता है से आशय ऐसे राजनीतिक दल से है, जिसकी उपस्थिति देश भर में हो अथवा कम से कम उतने क्षेत्र में हो जितना नियमानुसार किसी पार्टी के राष्ट्रीय होने के लिए आवश्यक है, इसके विपरीत राज्य स्तरीय पार्टियां वे राजनीतिक दल होते हैं, जो किसी राज्य विशेष में ही सक्रिय होते हैं।

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चुनाव आयोग के अनुसार देश भर में वर्तमान में कुल 8 राष्ट्रीय पार्टियां हैं। इन राष्ट्रीय दलों में भारतीय जनता पार्टी (BJP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC), ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (Marxist), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और कॉनराड संगमा की नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) शामिल हैं, जिसे साल 2019 में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया गया।

कैसे कोई राजनीतिक दल राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनती है?

गुजरात चुनाव के आधिकारिक परिणाम घोषित होने के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) को भी राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त हो जाएगी और देश में ऐसे दल 8 से बढ़कर 9 हो जाएंगे। आइए जानते हैं उन योग्यताओं को, जो किसी क्षेत्रीय दल के राष्ट्रीय बनने के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। वर्तमान में किसी भी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय दल का दर्जा प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित शर्तों में से किसी एक को पूरा करना होता है।

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यदि कोई दल लोकसभा या विधानसभा के आम चुनावों में चार अथवा उससे अधिक राज्यों में वैध मतों का 6 फीसदी या उससे अधिक प्राप्त करता है तथा इसके साथ वह किसी राज्य या राज्यों से लोकसभा में 4 स्थान प्राप्त करता है ‘या’ लोकसभा में तीन विभिन्न राज्यों से 2% सीट (तकरीबन 11 सीटें) जीत लेता है ‘या’ कम से कम चार राज्यों में राज्यस्तरीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त कर लेता है।

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राज्यस्तरीय दल बनने के लिए किसी राजनीतिक पार्टी को राज्य में हुए विधानसभा के आम चुनाव में कुल वैध मतों का 6% और इसके साथ ही विधानसभा में 2 स्थान प्राप्त करने होते हैं। अब यदि आम आदमी पार्टी की बात करें तो पार्टी को गुजरात चुनाव के परिणामों के पश्चात चार राज्यों में राज्यस्तरीय पार्टी का दर्जा मिल चुका है। AAP की पंजाब और दिल्ली में पूर्ण बहुमत वाली सरकारें हैं इसके साथ ही गोवा विधानसभा में 6.8% के वोट शेयर के साथ दो सीटें, जबकि गुजरात में 12.9 फीसदी वोट शेयर के साथ 5 सीटें हैं।

राष्ट्रीय दल का दर्जा मिलने के फायदे

किसी क्षेत्रीय दल के राष्ट्रीय बन जाने के पश्चात उस दल को कुछ विशेषाधिकार प्राप्त हो जाते हैं आइए जानते हैं ये क्या-क्या हैं।

(ii) किसी राजनीतिक दल को राष्ट्रीय दल की मान्यता मिल जाने के पश्चात उसे अखिल भारतीय स्तर पर एक आरक्षित चुनाव चिह्न मिल जाता है और वह अपने आरक्षित चुनाव चिन्ह केवल उन्हीं उम्मीदवारों को दे सकता है, जिन्हें उसने पूरे भारत में नामित किया है। 

(ii) मान्यता प्राप्त “राष्ट्रीय” पार्टियों को नामांकन जमा करने के लिए केवल एक प्रस्तावक की आवश्यकता होती है और वे इलेक्टोरल रोल संशोधन के दौरान मतदाता सूची के दो मुफ्त सेटों के साथ-साथ आम चुनावों के दौरान प्रत्येक उम्मीदवार के लिए एक मुफ्त मतदाता सूची के भी हकदार होते हैं। 

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(iii) राष्ट्रीय दलों को चुनाव के कुछ समय पहले राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर आकाशवाणी और दूरदर्शन में ब्रॉडकास्टिंग के लिए समय प्रदान किया जाता है ताकि वे अपनी बात को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचा सकें।

(iv) आम चुनावों के दौरान, राजनीतिक दलों को “स्टार प्रचारक” नामित करने की अनुमति है। एक पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी अधिकतम 20 “स्टार प्रचारकों” को नामांकित कर सकती है, जबकि एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय या राज्य पार्टी 40 “स्टार प्रचारकों” को नामांकित कर सकती है।

(v) राष्ट्रीय दलों के स्टार प्रचारकों के आने-जाने का खर्च पार्टी के चुनावी खर्चे के खातों में शामिल नहीं किया जाता है।

(vi) सरकार राष्ट्रीय दलों को अपना पार्टी मुख्यालय बनाने के लिए भूमि या भवन भी प्रदान करती है।

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