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What is Share Market in Hindi | क्या है शेयर बाज़ार?

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आपका जानकारी ज़ोन में जहाँ हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन कमाई तथा यात्रा एवं पर्यटन जैसे अनेक क्षेत्रों से महत्वपूर्ण तथा रोचक जानकारी आप तक लेकर आते हैं। इस लेख के माध्यम से हम समझेंगे शेयर बाज़ार के बारे में, तथा जानेंगे यह कैसे काम करता है? और आप कैसे शेयर बाज़ार में निवेश कर पैसे कमा सकते हैं? (What is Share Market in Hindi) तो अंत तक पढ़ते रहिये इस ब्लॉग को। निम्न चरणों मे हम समझेंगे शेयर बाजार की पूरी कार्यप्रणाली।

share Market
What is Share Market in Hindi

क्या है शेयर बाजार और क्यों है आवश्यक?

आप सभी ने अक्सर शेयर बाजार के बारे में सुना होगा परंतु सही एवं पूर्ण जानकारी न मिल पाने के कारण कई लोगों को यह गलतफहमी होती है कि शेयर बाजार एक जुआ है। हालाँकि शेयर बाजार में लाभ एवं जोखिम दोनों शामिल हैं फिर भी शेयर बाजार को जुआ या सट्टा बाजार समझना पूर्णतः गलत एवं एक मिथ्या है। आइए समझते हैं क्या है शेयर बाजार, जब कभी किसी कंपनी को अपने व्यवसाय को बढ़ाने या उसमें निवेश करने के लिए अतिरिक्त धन की आवश्यकता होती है तो कंपनी निम्न प्रकार से रकम जुटाती है।

  • बैंक से लोन लेकर
  • पब्लिक से बॉन्ड या डिबेंचर्स जारी कर
  • कंपनी की कुछ हिस्सेदारी बेच कर

पहले और दूसरे विकल्प का नुकसान यह है कि दोनों विकल्पों में कम्पनी को बैंक या जनता को ब्याज चुकाना पड़ता है। ऐसे में कंपनी तीसरे विकल्प का प्रयोग कर निवेशकों से पैसा लेती है और बदले में उन्हें कंपनी में हिस्सेदार बनाती है। ये निवेशक कोई भी हो सकते है, जैसे आप, मैं, कोई अन्य कंपनी, कोई बैंक इत्यादि। निवेशकों को उनके द्वारा दिये गए धन के बदले उस कंपनी के शेयर दिए जाते हैं और ऐसे निवेशकों को ही शेयरधारक कहा जाता है।

जहाँ बैंक से लोन लेने पर कंपनी को निश्चित दर से ब्याज चुकाना पड़ता है वहीं शेयरधारकों को कंपनी द्वारा कोई ब्याज नहीं दिया जाता बल्कि शेयरधारक स्वयं उस कंपनी का हिस्सा बन जाते हैं। इस प्रकार शेयर बाज़ार उद्योगों को पूँजी जुटाने में मदद करता है तथा अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कैसे बेचे जाते हैं शेयर?

शेयर बाजार दो चरणों मे कार्य करता है जिन्हें प्राथमिक बाजार एवं द्वितीयक बाजार कहते हैं आइये समझते हैं प्राथमिक एवं द्वितीयक बाजार को।

प्राथमिक बाजार।

जब कोई कंपनी पहली बार अपनी कुछ हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लेती है तो उसे प्राथमिक बाजार कहते हैं। यह प्रक्रिया IPO या इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग कहलाती है। IPO की अवधि निश्चित होती है इस निश्चित अवधि में ही निवेशकों को आवेदन करना होता है, जिसमें देशी अथवा विदेशी दोनों प्रकार के आवेदक शामिल होते हैं तथा कंपनी द्वारा निर्धारित प्रति शेयर की राशि पर बोली लगाई जाती है। प्राथमिक बाजार अर्थव्यवस्था में पूँजी निर्माण का कार्य करता है।

द्वितीयक बाजार।

IPO के समाप्त हो जाने पर कंपनी NSE अथवा BSE में सूचीबद्ध हो जाती है। (NSE अथवा BSE के बारे में हमनें आगे विस्तार से समझाया है।) और प्राथमिक बाज़ार में बेचे गए शेयर द्वितीयक बाज़ार में खरीद अथवा बिक्री के लिए उपलब्ध होते हैं। जहाँ निवेशक शेयर खरीद या बेच सकते हैं। द्वितीयक बाजार में कंपनी की कोई भूमिका नहीं होती, जहाँ प्राथमिक बाजार से अर्थव्यवस्था में पूँजी का निर्माण होता है वही द्वितीयक या स्टॉक मार्केट में केवल शेयरों की खरीद बिक्री या ट्रेडिंग होती है यहाँ से अर्थव्यवस्था में पूंजी का निर्माण नहीं किया जाता।

आप कैसे खरीदें शेयर?

अब तक आपने जाना शेयर बाजार या स्टॉक मार्केट क्या हैं? यह कैसे काम करता है? आइये अब समझते हैं आप कैसे किसी कंपनी के शेयर खरीद सकते हैं। (What is Share Market in Hindi) दोस्तो जिस प्रकार हमें पैसे के लेन देन करने के लिए बैंक खाते की आवश्यकता होती है उसी प्रकार किसी कंपनी के शेयर खरीदने अथवा बेचने के लिए भी एक खाते की आवश्यकता होती है जिसे हम डीमैट खाता कहते हैं। डीमैट खाते में आपके खरीदे गए शेयर जमा किये जाते हैं जिन्हें आप अपनी इच्छानुसार जब चाहें बेच सकते हैं।

कहाँ व कैसे खोले डीमैट खाता?

आपके मन में शंका होगी कि डीमैट खाता कहाँ और कैसे खोले? जितना आसान आज बैंक खाता खोलना है उतना ही आसान डीमैट खाता खोलना भी है। वर्तमान में सभी बड़े बैंक डीमैट खाते की सुविधा देते हैं। इसके साथ ही कुछ अन्य कम्पनियाँ भी यह सुविधा उपलब्ध कराती हैं।

भारत में पहले नम्बर की बात करें तो ज़ेरोधा सिक्योरिटीज का नाम आता है, क्योंकि इसके सालाना प्रबंधन शुल्क एवं अन्य शुल्क और कंपनियों की तुलना में बहुत कम हैं। यहाँ मात्र 300 रुपए में आप डीमैट खाता खोल सकते हैं। हमनें एक अन्य लेख में डीमैट खाता खोलने से सम्बंधित सभी बातों को विस्तार से समझाया है पढ़ने के लिए क्लिक करें। डीमैट खाता खोलने के पश्चात आपको एक login id और Passwords आपके ब्रोकर द्वारा प्रदान किया जाएगा। अब आप अपने ब्रोकर की वेबसाइट या App में लॉगिन करके मनचाही कंपनी के शेयर खरीद या बेच सकते हैं।

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कैसे होगी आपकी कमाई?

दोस्तो उम्मीद है आप शेयर बाज़ार को समझ चुके हैं, आपने डीमैट खाते के बारे में भी जान लिया है और आप शेयर खरीदने के बारे में भी जान चुके हैं। अब बात करते हैं इस लेख के सारांश की अर्थात आप शेयर बाज़ार से कैसे कमा सकते है। यहाँ से आप 2 तरीके से पैसा कमा सकते हैं।

  • पहले तरीके को एक उदाहरण से समझते हैं मान लीजिये आपने किसी कंपनी ABC के 1,000 शेयर 50रु प्रति शेयर के भाव से 50,000रु में खरीदे, कुछ समय बाद कंपनी के अच्छे प्रदर्शन के चलते कंपनी के एक शेयर की कीमत 80रु हो गयी अब आप अपने शेयर बेचने का निर्णय लेते हैं तो आपके 1000 शेयरों की वर्तमान कीमत हुई 80,000रु यहाँ आपको 30,000रु का मुनाफा हुआ। आपके लिए यह ध्यान रखना आवश्यक है कि, आपके खरीदे शेयर की कीमत कम भी हो सकती है जिस स्थिति में आपको हानि हो सकती है। लाभ या हानि मुख्यतः इस बात पर निर्भर करता है कि आपने कितनी बारीकी से उस कंपनी का अध्ययन किया है।
  • दूसरा तरीका है जिसे हम लाभांश (Dividend) कहते हैं। जब आप किसी कंपनी के शेयर खरीदते हैं (यह इस बात पर निर्भर नहीं करता आपने कितने शेयर खरीदे हैं) तो आप उस कंपनी में हिस्सेदार बन जाते हैं और कंपनी को होने वाले लाभ में भी आपकी हिस्सेदारी होती है। हर साल कंपनी अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा प्रत्येक शेयर धारक को बाँटती है। चूँकि शेयरधारकों को लाभांश देना या ना देना कंपनी के बोर्ड सदस्यों पर निर्भर करता है किंतु फिर भी अधिकतर कंपनियाँ अपने शेयरधारकों में मुनाफे का वितरण करती हैं। इस प्रकार आप दो तरीके से स्टॉक मार्केट में पैसे कमा सकते हैं।

किन बातों पर निर्भर करती है किसी शेयर की कीमत?

आपको बता दें शेयर बाजार माँग एवं आपूर्ति के सिद्धांत पर कार्य करता है सरल भाषा में बात करें तो जिस कंपनी के शेयरों की माँग जितनी अधिक होगी उसका मूल्य उतना ही अधिक होगा। इसी प्रकार जिस कंपनी के शेयरों की माँग कम होगी उसका मूल्य भी कम होगा। किसी कंपनी के शेयरों की माँग कब बढ़ जाए एवं कब किसी कंपनी के शेयरों की माँग में गिरावट आ जाए यह कई अलग अलग कारकों पर निर्भर करता है जैसे कंपनी के अच्छे या खराब परिणाम, कंपनी द्वारा लिया गया कोई सकारात्मक या नकारात्मक निर्णय आदि।

शेयर बाजार से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावलियाँ

नैशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज(BSE)

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पूरे एशिया का पहला स्टॉक एक्सचेंज है। जिसकी स्थापना सन 1875 में “नेटिव शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स एसोसिएशन” के नाम से की गई थी। वहीं नैशनल स्टॉक एक्सचेंज एशिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है जिसकी स्थापना 1992 में की गयी थी।यदि आपके मन में प्रश्न है कि स्टॉक एक्सचेंज क्या हैं तो आपको बता दें जिस प्रकार अपना मनपसंद सामान मँगाने के लिए अमेज़न, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करते हैं उसी प्रकार शेयर की खरीद और बिक्री के लिए प्रयोग होने वाले प्लेटफार्म स्टॉक एक्सचेंज कहलाते हैं।

सेंसेक्स (SENSEX)

आपने अक्सर समाचारों में सेंसेक्स में होने वाले उतार चढ़ाव के बारे में सुना होगा, सेंसेक्स असल में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का एक इंडेक्स है जो देश की विभिन्न क्षेत्रों की 30 चुनिंदा कंपनियों का एक समूह या इंडेक्स है। सेंसेक्स की वैल्यू इन्हीं 30 कंपनियों के बाजार मूल्य का औसत होती है।

निफ़्टी (NIFTY)

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की ही भाँति नैशनल स्टॉक एक्सचेंज का भी खुद का एक इंडेक्स है जिसे निफ़्टी कहते हैं जो देश की 50 अलग अलग क्षेत्रों की बड़ी कंपनियों का एक समूह है। अथवा जिसकी वैल्यू इन्हीं 50 शेयरों के बाजार मूल्य का औसत होती है।

IPO ( इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग ) तथा FPO (फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग)

हमनें प्राथमिक बाजार की चर्चा करते हुए बताया था की जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर बेचने का निर्णय लेती है तो पहली बार शेयर बेचने की प्रक्रिया को IPO या इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग कहा जाता है। यहाँ हम समझते हैं कि FPO या फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग क्या है? यदि एक बार कुछ हिस्सेदारी बेचने के बाद कम्पनी एक बार फिर रकम जुटाने के लिए अपनी कुछ और हिस्सेदारी बेचने का निर्णय ले तो उसे FPO या फॉलो-ऑन पब्लिक ऑफरिंग कहते हैं।

SEBI (The Securities and Exchange Board of India) / सेबी ( भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड)

जैसा कि नाम से स्पष्ट है सेबी भारत सरकार की एक नियामक संस्था है जिसकी स्थापना भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड अधिनियम 1992 के प्रावधानों के अनुसार 12 अप्रैल, 1992 को हुई थी। सेबी का मुख्य कार्य प्रतिभूतियों (सिक्योरिटीज) में निवेश करने वाले निवेशकों के हितों का ध्यान रखना एवं शेयर बाजार में होने वाली सभी गतिविधियों में नियामक की भूमिका निभाना है।

 

उम्मीद है दोस्तो आपको ये लेख (What is Share Market in Hindi) पसंद आया होगा टिप्पणी कर अपने सुझाव अवश्य दें। अगर आप भविष्य में ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में पढ़ते रहना चाहते हैं तो हमें सोशियल मीडिया में फॉलो करें तथा हमारा न्यूज़लैटर सब्सक्राइब करें। तथा इस लेख को सोशियल मीडिया मंचों पर अपने मित्रों, सम्बन्धियों के साथ साझा करना न भूलें।

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