अर्थव्यवस्था क्या है (Economy in Hindi) तथा इसके कितने प्रकार हैं?

नमस्कार दोस्तो स्वागत है आपका जानकारी ज़ोन में जहाँ हम विज्ञान, प्रौद्योगिकी, राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय राजनीति, अर्थव्यवस्था, ऑनलाइन कमाई तथा यात्रा एवं पर्यटन जैसे अनेक क्षेत्रों से महत्वपूर्ण तथा रोचक जानकारी आप तक लेकर आते हैं। इस लेख के माध्यम से हम समझेंगे अर्थव्यवस्था क्या है? (What is economy in Hindi) इसके कितने प्रकार हैं तथा जानेंगे अर्थव्यवस्था एवं अर्थशास्त्र में क्या अंतर है।

क्या है अर्थव्यवस्था? (Economy in Hindi)

किसी भी देश में होने वाली समस्त आर्थिक क्रियाओं की ऐसी व्यवस्था, जिसमें संसाधनों का वितरण इस प्रकार किया जाता है कि, अधिकतम नागरिकों का कल्याण किया जा सके अर्थव्यवस्था कहलाती है। इस व्यवस्था में धन केंद्रीय भूमिका के रूप में होता है। सरल शब्दों में कहें तो अर्थव्यवस्था किसी भी देश या भू-भाग में होने वाले उत्पादों या सेवाओं के उत्पादन, उपभोग, आयात, निर्यात तथा व्यापार आदि को प्रदर्शित करती है।

अर्थव्यवस्था शब्द का प्रयोग हमेशा किसी देश भू-भाग या क्षेत्र के साथ ही किया जाता है जैसे अमेरिकी अर्थव्यवस्था, भारतीय अर्थव्यवस्था आदि अर्थात किसी भी देश अथवा क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भिन्न-भिन्न हो सकती है, जिन्हें हम आगे विस्तार से समझने का प्रयास करेंगे।

अर्थव्यवस्था के प्रकार

प्रकारों की बात करें तो अर्थव्यवस्था का वर्गीकरण तीन प्रकार से किया जाता है जो निम्न हैं हम इस लेख में प्रत्येक प्रकार को समझेंगे।

  • संसाधनों के स्वामित्व के आधर पर
    • समाजवादी अर्थव्यवस्था
    • मिश्रित अर्थव्यवस्था
    • पूंजीवादी अर्थव्यवस्था
  • अंतः संबंधों के आधार पर
    • खुली अर्थव्यवस्था
    • बंद अर्थव्यवस्था
  • विकास की स्थिति के आधार पर
    • विकसित अर्थव्यवस्था
    • अल्पविकसित अर्थव्यवस्था
    • विकासशील अर्थव्यवस्था

स्वामित के आधार पर

किसी क्षेत्र की आर्थिक क्रियाओं में भाग लेने वाले संसाधनों के स्वामित्व के आधार पर अर्थव्यवस्था को तीन प्रकार से समझा जा सकता है।

समाजवादी अर्थव्यवस्था

ऐसी अर्थव्यवस्था, जहाँ सभी आर्थिक क्रियाओं को सरकार संचालित करती है अर्थात उन पर सरकार का नियंत्रण होता है समाजवादी अर्थव्यवस्था कहलाती है। इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में उत्पादों का उत्पादन, उनकी आपूर्ति तथा कीमतों का निर्धारण सरकार द्वारा किया जाता है। चूँकि इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में माँग एवं आपूर्ति का सिद्धांत लागू नहीं होता अतः बाज़ार में प्रतिस्पर्धा का अभाव होता है।

पूँजीवादी अर्थव्यवस्था

ऐसी अर्थव्यवस्था, जिसमें किसी भू-भाग की समस्त आर्थिक क्रियाएं निजी क्षेत्र द्वारा संचालित की जाती हैं पूँजीवादी अर्थव्यवस्था कहलाती है। इसमें सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता। चूँकि ऐसी अर्थव्यवस्था में उत्पादन, आपूर्ति आदि निजी क्षेत्र के हाथों में होती है अतः इसमें प्रतिस्पर्धा होती है तथा कीमतों का निर्धारण बाजार द्वारा किया जाता है। इस अर्थव्यवस्था में माँग एवं आपूर्ति के नियम का पालन होता है। अमेरिका ऐसी अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

मिश्रित अर्थव्यवस्था

ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें समाजवादी एवं पूंजीवादी दोनों अर्थव्यवस्थाओं का मिश्रण होता है मिश्रित अर्थव्यवस्था कहलाती है। इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में सरकार नियामक की भूमिका निभाती है। निजी क्षेत्र को उत्पादन की स्वतंत्रता होती है। अतः इस प्रकार में माँग एवं आपूर्ति का नियम लागू होता है तथा बाजार में प्रतिस्पर्धा भी बनी रहती है। भारत समेत अधिकतर देश मिश्रित अर्थव्यवस्था के ही उदाहरण हैं।

अंतः संबंधों के आधार पर

अंतः संबंधों के आधार पर किसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के दो प्रकार होते हैं।

खुली अर्थव्यवस्था

इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में दो देशों के मध्य संशाधनों के मुक्त आवागमन की नीति का पालन होता है अर्थात वस्तुओं तथा सेवाओं का आयात तथा निर्यात किया जाता है। चूँकि कोई भी देश स्वयं अपनी सभी आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं कर सकता अतः उदाहरण की बात करें तो लगभग सभी देश इसी श्रेणी में आते हैं।

बंद अर्थव्यवस्था

खुली अर्थव्यवस्था के विपरीत ऐसी अर्थव्यवस्था में किसी देश का अन्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं से कोई संबंध नहीं होता सरल शब्दों में कहें तो किसी अन्य देश से किसी भी प्रकार का आयात निर्यात नहीं किया जाता।

विकास की स्थिति के आधार पर

किसी क्षेत्र की अर्थव्यवस्था का आंकलन विकास के आधार पर भी किया जाता है। इस आधार पर अर्थव्यवस्थाएं तीन प्रकार की होती हैं

अल्प विकसित अर्थव्यवस्था

ऐसी अर्थव्यवस्था जहाँ आर्थिक विकास निम्नतम स्तर पर होता है तथा लोगों के रहन-सहन का स्तर काफी नीचा होता है अल्पविकसित अर्थव्यवस्था कहलाती है। यहाँ लोगों की प्रतिव्यक्ति आय काफी कम होती है, गरीबी तथा बेरोजगारी की दर उच्च होती है तथा आधारभूत संरचना का अभाव होता है। उदाहरण की बात करें तो सोमालिया, बुरुंडी, चाड आदि देश ऐसी अर्थव्यवस्था के उदाहरण हैं।

विकासशील अर्थव्यवस्था

वे अर्थव्यवस्थाएं जहाँ आर्थिक विकास अल्पविकसित देशों की तुलना में अधिक होता है अर्थात जहाँ आर्थिक संवर्द्धि के उच्च स्तर को प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है विकासशील अर्थव्यवस्था कहलाती हैं। ऐसी अर्थव्यवस्था युक्त देशों में लोगों की प्रति व्यक्ति आय अंतराष्ट्रीय मानकों से कम होती है, देश में आधारभूत संरचना या इंफ्रास्ट्रक्चर विकासशील अवस्था में होता है तथा आधुनिक तकनीकों का अभाव होता है। भारत ऐसी अर्थव्यवस्था का एक उदाहरण है।

विकसित अर्थव्यवस्था

ऐसे देश या भू-भाग जहाँ आर्थिक विकास का स्तर उच्च होता है तथा उस देश या भूभाग में उपस्थित संशाधनों का अधिकतम दोहन किया जाता है विकसित अर्थव्यवस्थाएं कहलाती हैं। ऐसी अर्थव्यवस्था में लोगों की प्रति व्यक्ति आय अधिक होती है, ऐसी अर्थव्यवस्था युक्त देश तकनीकी दृष्टि से अग्रणी होते हैं तथा यहाँ उच्च कोटि की आधारभूत संरचना उपलब्ध होती है।

प्रति व्यक्ति आय की बात करें तो विश्व बैंक के अनुसार ऐसी अर्थव्यवस्था जहाँ सकल प्रति व्यक्ति आय 12,236 डॉलर या इससे अधिक है तो ऐसी अर्थव्यवस्था को विकसित अर्थव्यवस्था कहा जाता है। अमेरिका, ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड आदि देश इसके उदाहरण हैं।

अर्थव्यवस्था के क्षेत्र (Sectors of Economy in Hindi)

अभी तक हमनें अर्थव्यवस्था (What is economy in Hindi) तथा उसके प्रकारों को समझा आइये अब जानते हैं अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को। मुख्य रूप से किसी अर्थव्यवस्था को तीन क्षेत्रों में रखा जाता है।

  • प्राथमिक क्षेत्र
  • द्वितीयक क्षेत्र
  • तृतीयक क्षेत्र

प्राथमिक क्षेत्र

ऐसा क्षेत्र, जिसमें उत्पाद के रूप में प्राकृतिक संसाधनों को उपयोग में लिया जाता है प्राथमिक क्षेत्र कहलाता है। इस क्षेत्र में मुख्यतः कच्चे माल का उत्पादन किया जाता है जिनमें खनन, मत्स्य पालन, कृषि अथवा उससे संबंधित उत्पादन शामिल हैं। भारत की बात करें तो भारतीय अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र का योगदान सबसे कम है।

Sectors of Economy in Hindi
प्राथमिक क्षेत्र

द्वितीयक क्षेत्र

इस क्षेत्र में प्राथमिक क्षेत्र से प्राप्त कच्चे माल का प्रयोग कर मशीनों की सहायता से उत्पादों का उत्पादन किया जाता है। इसे आसान भाषा में एक उदाहरण से समझते हैं किसी किसान द्वारा किया गया आलू का उत्पादन प्राथमिक क्षेत्र का हिस्सा है तथा उस आलू को कच्चे माल की तरह उपयोग कर उससे चिप्स बनाकर उन्हें बाजार में बेचना द्वितीयक क्षेत्र। अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र का महत्वपूर्ण योगदान होता है।

Sectors of Economy in Hindi
द्वितीयक क्षेत्र

तृतीयक क्षेत्र

इस क्षेत्र में मुख्यतः विभिन्न प्रकार की सेवाओं का उत्पादन किया जाता है, जो प्राथमिक तथा द्वितीयक क्षेत्रों को अपनी सेवाएं प्रदान करता है अतः इस क्षेत्र को सेवा क्षेत्र भी कहा जाता है। इस क्षेत्र में मुख्य रूप से व्यापार, होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन तथा संचार आदि सेवाएं शामिल हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था में इस क्षेत्र का अधिक योगदान है।

Sectors of Economy in Hindi
सेवा क्षेत्र

अर्थशास्त्र एवं अर्थव्यवस्था में अंतर

अर्थशास्त्र एक विस्तृत विषय है, जिसके अंतर्गत समाज तथा सरकारों द्वारा सीमित संसाधनों का प्रयोग कर अपनी आवश्यकताओं की किस प्रकार पूर्ति की जाए इसका अध्ययन किया जाता है। दूसरे शब्दों में यह एक सैद्धान्तिक विषय है जिसके सिद्धान्तों या नियमों का प्रयोग नागरिकों के अधिकतम कल्याण के लिए किया जाता है। किंतु इन सिद्धांतों का प्रायोगिक रूप अर्थव्यवस्था कहलाती है।

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