क्वाण्टम कम्प्यूटर क्या है? (Quantum Computer in Hindi)

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कम्प्यूटर क्या है?

कम्प्यूटर एक प्रकार की मशीन है जो विभिन्न प्रकार की सूचनाओं या डेटा को स्टोर करने, उसे पुनः प्राप्त करने एवं प्रोसेस करने का कार्य करता है। यह गणितीय एवं तार्किक दोनों प्रकार की सूचनाओं का विश्लेषण करने में सक्षम होता है। इसकी खोज सन 1837 में चार्ल्स बैबेज द्वारा की गई। Computer शब्द की उत्पत्ति अंग्रेज़ी के compute से हुई है जिसका अर्थ गणना करना होता है। कंप्यूटर अपनी मेमोरी में स्टोर डेटा का उपयोग कर उपयोगकर्ता द्वारा दिये गए निर्देशों को पूर्ण करता है।

क्लासिक कम्प्यूटर

क्लासिक कम्प्यूटर अक्सर उपयोग किया जाने वाले कम्प्यूटर हैं। जिन्हें हम अपने दफ्तर, स्कूल, कॉलेज या घर आदि में प्रतिदिन इस्तेमाल करते हैं। क्लासिक कम्प्यूटर में उपलब्ध किसी भी सूचना या डेटा की मूल इकाई बिट्स होती है अतः सभी सूचनाएं बिट्स या बाइनरी कोड (0 1) के रूप में होती हैं।

किसी भी कंप्यूटर का मुख्य भाग CPU होता है जिसे उसका दिमाग कहा जाता है। CPU में एक प्रोसेसर होता है जो कम्प्यूटर को दिए जाने वाले सभी निर्देशों को प्रोसेस करता है तथा हमें स्क्रीन के माध्यम से परिणामों को प्रदर्शित करता है। यह प्रोसेसर लाखों छोटे छोटे ट्रांज़िस्टरों से मिलकर बना होता है जो एक वैधुत परिपथ में जुड़े होते हैं।

जब हम कम्प्यूटर को कोई निर्देश देते हैं तब प्रोसेसर में लगे लाखों ट्रांज़िस्टरों में वैधुत विद्युत प्रवाहित होने लगती है, तथा हमें दिखाया जाने वाला परिणाम 0 तथा 1 के रूप में परिवर्तित हो जाता है, जहाँ 0 परिपथ में वोल्टेज के न होने तथा 1 वोल्टेज के होने को प्रदर्शित करता है। विधुत के इसी पैटर्न की सहायता से प्रोसेसर में लगे ट्रांजिस्टर किसी निर्देश को पूर्ण कर पाते हैं।

क्वाण्टम कम्प्यूटर

आइये अब समझते हैं क्वांटम कम्प्यूटर को (Quantum Computer Kya Hai)। इसे कंप्यूटर का विकसित रूप या भविष्य का कंप्यूटर कहा जा सकता है। यह कंप्यूटर क्वांटम भौतिकी के सिद्धान्तों पर आधारित है। जहाँ किसी क्लासिक कंप्यूटर में उपस्थित सूचना बिट्स ( 0 1 ) के रूप में उपलब्ध होती है, वहीं क्वांटम कम्प्यूटर में यह क्यूबिट्स ( 0 1 ) या 0 तथा 1 के सुपरपोजिशन के रूप में होती हैं। अर्थात एक ही समय में किसी क्यूबिट्स का मान 0 तथा 1 दोनों हो सकते हैं।

क्वाण्टम कम्प्यूटर के उपयोग

आइये अब चर्चा करते हैं क्वांटम कंप्यूटर के उपयोग की।

  • चूँकि इस कंप्यूटर में किसी सूचना को प्रोसेस कर उससे निकलने वाले परिणामों की संभावनाएं अधिक हैं अतः यह कम्प्यूटर किसी सूचना को क्लासिक कंप्यूटर की तुलना में अधिक दक्षता से प्रोसेस कर सकेगा।
  • यह कंप्यूटर जटिल से जटिल गणना को भी सेकेंड के खरबवें हिस्से में कर सकने में सक्षम होगा।
  • क्वाण्टम कंप्यूटर के माध्यम से भौगोलिक मानचित्र को शत प्रतिशत शुध्द कर पाना संभव हो सकेगा।
  • क्वांटम कंप्यूटर का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग कंप्यूटर सुरक्षा के क्षेत्र में किया जाएगा। जहाँ क्लासिक कम्प्यूटर की मूल इकाई बिट का मान 0 या 1 निश्चित रहता है जिस कारण ऐसे कम्प्यूटरों को हैक करना आसान होता है, वहीं क्वांटम कम्प्यूटर की मूल इकाई क्यूबिट्स का मान 0, 1 अथवा एक ही समय में 0 और 1 दोनों हो सकते हैं अतः किसी हैकर के लिए सही मान ज्ञात कर पाना असंभव होगा जिस कारण ऐसे कम्प्यूटरों को हैक करना लगभग नामुमकिन होगा।
  • क्वांटम कम्प्यूटर की सहायता से एक सूचना को एक ही समय में अलग अलग जगहों से प्राप्त किया जा सकेगा।

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