Non-Fungible Token या NFT क्या हैं? कैसे कार्य करते हैं तथा NFTs किस प्रकार बनाए, खरीदे और बेचे जा सकते हैं?

मानव सभ्यताओं की विकास यात्रा के दौरान मनुष्य में कलात्मक गुणों का भी उद्भव हुआ है। प्राचीन काल की गुफा चित्रकारी मानव के कलात्मक गुण का महत्वपूर्ण उदाहरण है। समय के साथ ये गुण अलग-अलग क्षेत्रों यथा संगीत, चित्रकला, वास्तुकला आदि में विकसित हुए हैं। वर्तमान में हम “डिजिटल युग” में जी रहे हैं और इसी का नतीजा है कि, कला का भी बहुत हद तक डिजिटलीकरण हो चुका है संगीत, चित्र, पेंटिंग, वीडियो विभिन्न प्रकार की कलाकृतियों का निर्माण करने तथा उन्हें स्टोर करने में डिजिटल दुनियाँ महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

हालाँकि इसके कुछ नुकसान भी हैं डिजिटल प्रारूप में होने के चलते किसी कृति जैसे संगीत, चित्र आदि की प्रतिलिपियाँ बनाना आसान हो जाता है, जिससे कोई भी कलाकार आर्थिक एवं मानसिक रूप से हतोत्साहित हो सकता है इसके अतिरिक्त अनेक प्रतिलिपि होने के चलते किसी एक रूप की प्रामाणिकता का अंदाज़ा लगा पाना भी मुश्किल होता है।

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किसी कलाकृति के स्वामित्व को सुरक्षित तथा उसकी वास्तविकता को बरकरार रखने के उद्देश्य से विकसित की गई तकनीक, जिसे NFT का नाम दिया गया है, इन दिनों सुर्खियों में है। कई लोगों द्वारा अपनी कलाकृतियों को NFT के रूप में परिवर्तित कर ऊँचे दामों में बेचा जा चुका है। आज इस लेख में विस्तार से चर्चा करेंगे NFT की, जानेंगे यह क्या है, कैसे कार्य करता है, NFT का किन क्षेत्रों में इस्तेमाल किया जा सकता है तथा इसके क्या फायदे एवं नुकसान हो सकते हैं।

NFT क्या है?

NFT का पूरा नाम Non-Fungible Token है, यह एक क्रिप्टोग्राफिक टोकन या डेटा का एक पैकेट है, जिसे ब्लॉकचेन तकनीक द्वारा निर्मित किया जाता है। यह क्रिप्टोकरेंसी की भाँति ब्लॉकचेन तकनीक का एक अन्य अनुप्रयोग है। इस टोकन में मौजूद डेटा किसी संपत्ति (अधिकांशतः डिजिटल संपत्ति जैसे चित्र, ऑडिओ, वीडियो आदि) से संबंधित होता है। एक बार बनाए जाने के पश्चात इनका भविष्य में व्यापार किया जा सकता है।

ब्लॉकचेन तकनीक पर आधारित होने के चलते यह अत्यधिक सुरक्षित है अतः एक बार किसी कलाकृति से संबंधित डिजिटल टोकन या NFT निर्मित हो जाने के पश्चात टोकन में मौजूद डेटा को परिवर्तित नहीं किया जा सकता है। इस डेटा में उस कलाकृति के निर्माता या मालिक की भी जानकारी दर्ज होती है, जिसके चलते यह सुविधा किसी कलाकार को उसकी कृति के चोरी होने से सुरक्षित करती है।

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किसी कलाकृति के ब्लॉकचेन पर दर्ज होने से लेकर समय-समय पर उसके हस्तांतरण या बिक्री को ऑन-चेन रिकॉर्ड किया जाता है, जिससे उसके उत्पत्ति, बिक्री तथा मूल्य के इतिहास का आसानी से पता लगाया जा सकता है। NFTs का मुख्य उद्देश्य किसी “डिजिटल कलाकृति” के स्वामित्व एवं उसके व्यापार (Trading) को आसान एवं सुरक्षित बनाना है। इनका उपयोग अद्वितीय (Unique) वस्तुओं के स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया जा सकता है।

Fungible Vs Non-Fungible

NFT तकनीक को और अधिक समझने से पहले इसके शाब्दिक अर्थ को समझ लेना आवश्यक है। Fungible शब्द से आशय ऐसी वस्तुओं से होता है, जो अद्वितीय नहीं है अर्थात जिन्हें उनके ही समान दूसरी वस्तु से बदला जा सकता है। उदाहरण के तौर पर 500 रुपये का कोई बैंक नोट Fungible है, क्योंकि उसे 500 के दूसरे बैंक नोट से बदला जा सकता है और ऐसा करने पर वही कीमत प्राप्त होती है, जो पिछले नोट की थी।

Fungible के विपरीत Non-Fungible ऐसी वस्तुएं हैं, जो “अद्वितीय प्रकृति” की हैं, दूसरे शब्दों में इन्हें किसी अन्य वस्तु से प्रतिस्थापित नहीं किया जा सकता। इसके उदाहरणों में ऐसी कोई भी वस्तु हो सकती हैं, जो अपनी किस्म की केवल एक ही हैं, उदाहरण के तौर पर कोई विशिष्ठ पेंटिंग इत्यादि

ब्लॉकचेन तकनीक के बारे में

ऊपर हमनें ब्लॉकचेन तकनीक का जिक्र किया, जिस पर यह टोकन व्यवस्था आधारित है, इसकी कार्यप्रणाली तथा किन-किन क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल किया जा सकता है इसे हमनें एक अन्य लेख में विस्तार से समझाया है, जिसे आप नीचे दी गई लिंक के माध्यम से पढ़ सकते हैं। यहाँ संक्षिप्त में समझते हैं ब्लॉकचेन तकनीक क्या है?

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ब्लॉकचेन डेटा को स्टोर करने की एक विकेंद्रीकृत व्यवस्था (Decentralized System) है, जिसमें डेटा को अलग-अलग ब्लॉक में स्टोर किया जाता है तथा प्रत्येक ब्लॉक दूसरे ब्लॉक से एक चेन के माध्यम से जुड़ा होता है। जहाँ किसी सामान्य व्यवस्था में कोई अहम डेटा किसी एक स्थान जैसे दफ़्तर, डेटा सेंटर आदि पर मौजूद होता है वहीं ब्लॉकचेन तकनीक में यह डेटा दुनियाँ भर के विभिन्न कंप्यूटरों में स्टोर रहता है, जिसके चलते किसी ब्लॉक में दर्ज सूचना से छेड़-छाड़ करना असंभव होता है।

कैसे कार्य करती है NFT तकनीक?

NFT को समझने के बाद आइए अब जानते हैं ये किस प्रकार कार्य करता है। इंटरनेट पर अलग-अलग NFT मार्केटप्लेस मौजूद हैं, जहाँ कोई व्यक्ति कला के किसी रूप को डिजिटल टोकन या NFT में बदल सकता है। टोकन बनाने की यह प्रक्रिया “Minting” कहलाती है।

इस प्रक्रिया में एक स्मार्ट अनुबंध (Smart Contract) ब्लॉकचेन पर स्टोर किया जाता है। स्मार्ट अनुबंध ब्लॉकचेन के भीतर मौजूद प्रोग्रामिंग है, जो नेटवर्क को NFT लेन-देन से संबंधित सूचना को संग्रहीत करने में सक्षम बनाता है। एक बार स्टोर हो जाने के बाद जरूरत पड़ने पर इस सूचना को एक्सेस किया जा सकता है। स्मार्ट अनुबंध यह भी सुनिश्चित करता है कि, स्टोर सूचना पारदर्शी होने के साथ-साथ अपरिवर्तनीय भी हो।

कहाँ खरीदे एवं बेचे जा सकते हैं NFTs?

जैसा कि, हमनें ऊपर बताया इंटरनेट में कई ऐसे मार्केटप्लेस उपलब्ध हैं, जहाँ से कोई व्यक्ति NFTs बना सकता है, इन्हीं मंचों के माध्यम से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा बनाई गई एवं सूचीबद्ध की गई NFTs को खरीदा भी जा सकता है। इसके अलावा किसी सूचीबद्ध NFTs का सम्पूर्ण बहीखाता भी देखा जा सकता है, जैसे उन्हें कब एवं किसके द्वारा बनाया गया, समय-समय पर उन्हें किन-किन लोगों द्वारा खरीदा गया तथा वर्तमान में वह संपत्ति किस व्यक्ति के स्वामित्व में हैं। कुछ महत्वपूर्ण NFT मार्केटप्लेस निम्नलिखित हैं।

OpenSea

वर्तमान में NFTs मार्केटप्लेस में OpenSea सबसे अधिक लोकप्रिय एवं सुविधाजनक है। यहाँ NFTs बनाना (Minting) तथा खरीदना बेहद आसान है। OpenSea के पास अपने प्लेटफॉर्म पर लगभग सभी प्रकार की डिजिटल संपत्तियां उपलब्ध हैं। 2017 में शुरू हुए इस प्लेटफ़ॉर्म में अभी तक 80 मिलियन से अधिक NFTs सूचीबद्ध किये जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत तकरीबन 10 बिलियन डॉलर के करीब है।

Axie Marketplace

Axie मार्केटप्लेस “Axie Infinity” नाम के एक वीडियो गेम से संबंधित बाज़ार है, जहाँ इस वीडियो गेम के किरदारों तथा खेल से संबंधित अन्य सामग्री को खरीदा एवं बेचा जाता है। एक्सी इन्फिनिटी एक ब्लॉकचेन-आधारित ऑनलाइन गेम है, जिसमें खिलाड़ी “Axie” (खेल का किरदार) के NFTs खरीदते हैं और फिर उन्हें लड़ाई में एक-दूसरे के खिलाफ इस्तेमाल करते हैं। खिलाड़ी खेल के दौरान SLP टोकन अर्जित करते हैं तथा इन टोकनों के बदले मुद्रा प्राप्त कर सकते हैं।

Rarible

Rarible एक समुदाय के स्वामित्व वाला NFT बाज़ार है, यह क्रिप्टो स्पेस में सबसे पुराने एवं अग्रणी NFT मार्केटप्लेस में से एक है, जो OpenSea की भाँति विभिन्न प्रकार के NFTs (किताबें, संगीत एल्बम, डिजिटल कला, या फिल्में आदि) का एक वृहत बाज़ार है। हालाँकि OpenSea के विपरीत इस प्लेटफ़ॉर्म में लेन-देन के लिए केवल इनकी स्वयं निर्मित क्रिप्टो करेंसी रिबल (RARI) का ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

Nifty Gateway

निफ्टी गेटवे विशिष्ट NFT मार्केटप्लेस में से एक है, निफ्टी वही मार्केटप्लेस है, जहाँ दो सबसे महँगे NFTs बेचे गए हैं। इनमें डिजिटल कलाकार बीपल का “क्रॉसरोड” (वीडियो) और पाक का “द मर्ज” (इमेज) शामिल हैं, जो 2021 में क्रमशः US $6.6 मिलियन एवं US $91.8 मिलियन में बेचे गए। यह NFT बाज़ार क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज GEMINI द्वारा संचालित किया जाता है, जो अपने ग्राहकों को क्रिप्टोकरेंसी के अलावा फिएट मुद्रा जैसे USD में भी खरीद-बिक्री करने का विकल्प देता है।

Beeple द्वारा निर्मित “क्रॉसरोड” सौजन्य : NiftyGateway / Delphina Leucas

किन क्षेत्रों में इस्तेमाल किये जा सकते हैं NFTs?

हमनें ब्लॉकचेन तकनीक वाले लेख में इस तकनीक के अनुप्रयोगों पर चर्चा की थी उनमें से कई क्षेत्र ऐसे हैं, जिनमें ब्लॉकचेन का क्रियान्वयन करने के लिए NFTs एक सफल माध्यम बन सकता है। NFT का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में किया जा सकता है, ताकि कोई कलाकार अपनी कृतियों, कोई व्यक्ति अथवा संगठन अपने दस्तावेजों या विचारों आदि को सुरक्षित रख सके, ऐसे ही कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र निम्नलिखित हैं।

फैशन एवं वस्त्र उद्योग

NFT का इस्तेमाल फैशन एवं वस्त्र उद्योग में किया जाने लगा है। उदाहरण के तौर पर “Uniswap socks” एथेरियम ब्लॉकचेन पर आधारित NFTs हैं, जिन्हें सामान्य NFT की तरह ट्रेड किया जा सकता है, इसके अतिरिक्त टोकन धारक अपनी इच्छानुसार कभी भी अपना टोकन रिडीम कर वास्तविक सॉक्स के एक जोड़े को प्राप्त कर सकते हैं।

एक अन्य ब्रांड “RTFKT” जिसे बाद में NIKE द्वारा खरीद लिया गया, ने 2021 में वर्चुअल स्नीकर्स डिज़ाइन किए, जहाँ बोली लगाने वाले स्नैपचैट के माध्यम से स्नीकर्स को आभासी रूप से पहन कर आज़मा सकते थे तथा बाद में उन्हें खरीदने के लिए बोली लगा सकते थे। उच्चतम बोली लगाने वाले को NFT टोकन समेत वास्तविक स्नीकर्स की जोड़ी प्राप्त करने का भी मौका मिला।

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इसके अतिरिक्त फैशन एवं वस्त्र उद्योग में उत्पाद की गुणवत्ता एवं उसकी प्रामाणिकता बहुत अहम होती है, NFT की सहायता से प्रामाणिकता का डिजिटल रिकॉर्ड होने के चलते नकली सामान की पहचान हो सकती है तथा विलासिता की वस्तुओं से भी एक डिजिटल टोकन संलग्न कर उनकी वास्तविकता सुनिश्चित करी जा सकती है।

रियल एस्टेट

एनएफटी का उपयोग रियल एस्टेट लेन-देन अथवा संपत्ति हस्तांतरण को सरल और तेज करने के लिए किया जा सकता है, संपत्तियों के लिए स्मार्ट अनुबंध तैयार किये जा सकते हैं। इसके अतिरिक्त आप, जो संपत्ति खरीद रहे हैं उसके बारे में अपने फोन के माध्यम से सब कुछ जानकारी जुटा सकते हैं जैसे कि, संपत्ति कब बनाई गई थी, पहले इसका स्वामित्व किसके पास था, इसमें क्या-क्या संशोधन किए गए हैं आदि।

टिकट के स्थान पर NFTs

कुछ विशिष्ट स्थानों एवं कार्यक्रमों आदि में भाग लेने के लिए एक टिकट अथवा पास की आवश्यकता होती है, किन्तु ब्लैक मार्केटिंग तथा नकली टिकट बेचना आदि इस व्यवस्था को नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं। इसके समाधान के तौर पर आने वाले समय में NFT का उपयोग किया जा सकता है। यह धोखाधड़ी को समाप्त करता है इसके साथ ही कागज के उपयोग को भी कम करता है।

कलाकृतियों की प्रामाणिकता

NFT का एक अन्य फायदा मूल्यवान कलाकृति की प्रामाणिकता एवं स्वामित्व के रिकॉर्ड को बनाए रखना है। ब्लॉकचेन पर मौजूद होने के चलते इसके स्वामित्व का एक वैध रिकॉर्ड देखा जा सकता है, लिहाज़ा किसी डिजिटल आर्टवर्क के चोरी होने या इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठने की बहुत कम संभावनाएं होती हैं। इन सब प्रयोगों के अलावा NFTs का उपयोग आपूर्ति श्रंखला प्रबंधन, गेमिंग आदि क्षेत्रों में भी किया जा सकता है।

NFT के फायदे एवं नुकसान

हर प्रद्योगिकी के सकारात्मक पहलुओं के साथ-साथ नकारात्मक पहलू भी उससे जुड़े हुए होते हैं, जिन्हें अनदेखा नहीं किया जा सकता। NFT तथा ब्लॉकचेन के भी अपने फायदे एवं नुकसान हैं, जिनमें से कुछ महत्वपूर्ण फ़ायदों एवं नुकसानों को हमनें यहाँ समझाने की कोशिश करी है।

NFT के फायदे

✔️ NFTs का सबसे अहम फायदा किसी डिजिटल संपत्ति के स्वामित्व का एक विश्वसनीय लेखा-जोखा रखना है, जिसके साथ छेड़-छाड़ संभव नहीं है। हालाँकि किसी कलाकृति का डिजिटल टोकन (NFT) बना लेने से इंटरनेट पर उस कलाकृति के इस्तेमाल को नियंत्रित नहीं किया जा सकता, किन्तु इस टोकन के द्वारा व्यक्ति स्वामित्व के लिहाज से पूर्व की तुलना में अधिक सुरक्षित महसूस अवश्य कर सकता है।

✔️ डिजिटल टोकन होने के पश्चात यदि कोई कलाकृति इंटरनेट पर अधिक इस्तेमाल करी भी जाती है, तो उससे उसकी लोकप्रियता बढ़ती है, परिणामस्वरूप NFT के मूल्य में भी वृद्धि होती है और यह किसी कलाकार के लिए आर्थिक रूप से अच्छा है। इसके अतिरिक्त ब्लॉकचेन आधारित होने के चलते इसमें “स्मार्ट अनुबंध” बनाए जा सकते हैं, जिससे प्रत्येक बार किसी संपत्ति के बेचे जाने पर बनाने वाले व्यक्ति को एक हिस्सा रॉयल्टी के रूप में प्राप्त होता है।

✔️ NFTs के माध्यम से कई महत्वपूर्ण भौतिक दस्तावेजों को उनकी प्रामाणिकता को बरकरार रखते हुए डिजिटल रूप में परिवर्तित किया जा सकता है। इसके अलावा कोई कंपनी, संस्था आदि अपनी संवेदनशील जानकारी को अतिरिक्त सुरक्षा के साथ NFTs के माध्यम से संग्रहीत कर सकते हैं, ताकि भविष्य में किसी प्रकार के डेटा परिवर्तन से बचा जा सके।

NFT के नुकसान

❌ NFT व्यवस्था में सबसे बड़ी चुनौती इसका नियमन न होना है, चूँकि वर्तमान में सरकरों का इस पर कोई नियंत्रण नहीं है अतः यह पूरी व्यवस्था किसी सट्टा बाज़ार के समान है, इसमें किसी प्रकार की अनियमितताओं की स्थिति में कौन जवाबदेह होगा यह तय नहीं है, यही कारण है कि, सरकार क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग के संबंध में भी लोगों को समय-समय पर सावधान करती रहती है।

❌ NFTs की पूरी आर्थिक व्यवस्था क्रिप्टोकरेंसी पर आधारित है तथा इनके मूल्य पर सरकारों का बिल्कुल भी नियंत्रण नहीं है अतः इनकी कीमतों के भविष्य का अंदाजा लगा पाना मुश्किल है। उदाहरण के तौर पर साल 2013 में बिटकॉइन में एक ही दिन में 70% की गिरावट दर्ज की गई। स्वयं NFTs की कीमत एक महत्वपूर्ण समस्या है, इनकी कीमत केवल भावनात्मक तौर पर है अतः निवेश के लिहाज से यह बहुत जोखिम भरे हो सकते हैं।

❌ किसी कलाकृति का NFT होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि, NFT धारक व्यक्ति के पास उस कलाकृति का कॉपीराइट भी हैं, अतः किसी विशिष्ट कलाकृति को खरीदने के दौरान यह सुनिश्चित करना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे उदाहरण भी हैं, जब कुछ लोगों नें ऐसी कलाकृतियों के NFT टोकन बनाकर उन्हें सूचीबद्ध किया जिनका कॉपीराइट उनके पास नहीं था।

❌ ब्लॉकचेन आधारित यह तकनीक पर्यावरणीय लिहाज़ से भी हानिकारक है। ईथर और बिटकॉइन जैसी ब्लॉकचेन-आधारित क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन अथवा ब्लॉकचेन में कोई भी रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए अत्यधिक कम्प्यूटिंग शक्ति की आवश्यकता होती है, जिसके लिए अत्यधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है।

आप कैसे बना सकते हैं NFT?

यदि आप अपनी किसी कलाकृति को एक डिजिटल टोकन या NFT में बदलकर उसे किसी मार्केटप्लेस में सूचीबद्ध करना चाहते हैं तो आपको कुछ महत्वपूर्ण बातों को ध्यान रखना होगा। नीचे हमनें अलग-अलग चरणों में NFT बनाने की पूरी प्रक्रिया को समझाया है।

पहला चरण : चूँकि NFT मार्केटप्लेस में सभी लेन-देन क्रिप्टोकरेंसी (मुख्यतः ईथर/ETH) में किये जाते हैं, अतः सबसे पहले आपको आवश्यकता होगी एक क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट की ऐसे कुछ प्रमुख वॉलेट में Metamask, Coinbase, Trust Wallet, Math Wallet आदि शामिल हैं।

दूसरा चरण : क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट बन जाने के पश्चात आपको किसी एक NFT मार्केटप्लेस का चुनाव करना होगा, आप ऊपर बताए गए किसी प्लेटफ़ॉर्म को चुन सकते हैं या अपनी इच्छानुसार किसी अन्य प्लेटफ़ॉर्म का चुनाव भी कर सकते हैं।

अंतिम चरण : अब अपने डिजिटल वॉलेट को NFT मार्केटप्लेस से कनेक्ट कर अपने किसी डिजिटल आर्टवर्क को NFT के रूप में बदल सकते हैं अथवा प्लेटफ़ॉर्म पर सूचीबद्ध किसी अन्य NFT को खरीद भी सकते हैं।

भारत में NFT की लोकप्रियता

हालाँकि भारत में क्रिप्टोकरेंसी तथा NFTs को लेकर कोई कानून अभी तक अस्तित्व में नहीं है बावजूद इसके देश में NFT को लेकर लोगों का दिलचस्प बढ़ता जा रहा है। कई फिल्मी सितारों तथा खिलाड़ियों नें अपनी कुछ डिजिटल यादों अथवा संग्रहों के NFTs जारी किये हैं। फिल्मी सितारों में NFTs जारी करने वाले लोगों में अमिताभ बच्चन शीर्ष पर हैं।

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नवंबर में, उन्होंने Beyondlife मार्केटप्लेस में अपने NFT संग्रह को 7.18 करोड़ रुपये में बेचा। इनमें उनके पिता की प्रसिद्ध कविता “मधुशाला” तथा अपने ऑटोग्राफ वाले विंटेज पोस्टर के साथ उनके कुछ अन्य काम शामिल थे। इसके अतिरिक्त सिंगापुर आधारित एक एनएफटी मार्केटप्लेस ने NFT के रूप में रजनीकांत की “शिवाजी : द बॉस” फिल्म के कुछ संग्रह जारी करने के लिए फिल्म प्रोडक्शन कंपनी एवीएम स्टूडियोज के साथ एक समझौता किया है।

कुछ महत्वपूर्ण NFT बिक्री

पिछले कुछ समय में NFT की कई उल्लेखनीय बिक्रियां हुई हैं, जिनमें से दो के बारे में हमनें ऊपर जाना, इन बिक्रियों के चलते NFTs दुनियाँभर में चर्चा का विषय बन गए हैं। आइए नजर डालते हैं कुछ अन्य महत्वपूर्ण NFT बिक्रियों पर।

फरवरी 2021 में, डिजिटल कलाकार बीपल, जिसकी एक कृति का हमनें ऊपर जिक्र किया ने “Everyday : The First 5000 Days” नामक NFT को $69 मिलियन में बेचा। यह 5,000 डिजिटल चित्रों का एक कोलाज है, जिसे 13 वर्षों में पूरा किया गया है। The First 5000 Days बीपल की एकमात्र डिजिटल कला नहीं थी, जो इस साल चर्चा में रही, क्रिस्टीज (NFT बाज़ार) द्वारा आयोजित एक अन्य नीलामी में “Human One” नामक उनकी उत्कृष्ट कृति 28.9 मिलियन डॉलर में बिकी।

द फर्स्ट 5000 डेज़ : बीपल द्वारा निर्मित 5000 चित्रों का कोलाज / सौजन्य : Christies

ट्विटर के संस्थापक जैक डोर्सी ने अपने पहले ट्वीट के NFT को $2.9 मिलियन से अधिक में बेचा। अपने भाई की उंगली काटने वाले बच्चे के लोकप्रिय वीडियो ‘Charlie Bit My Finger‘ को YouTube पर 800 मिलियन से अधिक बार देखा गया था, इस वीडियो का NFT लगभग £500,000 में बेचा गया।

निष्कर्ष

नॉन-फंजीबल टोकन डेटा की एक युनिट है, जिसे ब्लॉकचेन पर संग्रहीत किया जाता है। डिजिटल कला, संगीत, वीडियो, टिकट, डिजिटल संपत्ति ऐसे कुछ उदाहरण हैं, जिन्हें NFTs के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। ब्लॉकचेन तथा NFT जैसी तकनीक की क्षमता को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि, आने वाले समय में ये डिजिटल अर्थव्यवस्था का कल बनकर उभरेंगी।

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किन्तु NFT का शुरुआती अवस्था में होना, कानूनी नियंत्रण से बाहर होना तथा इनकी कीमतों के अस्थिर होने को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है। अतः इस तकनीक का पूर्णतः लाभ लेने के लिए इसका नियमन एवं सकारात्मक इस्तेमाल की आवश्यकता है।

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