वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल के 49 वर्षीय बेटे अग्निवेश का अमेरिका में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। बुधवार को X पर एक पोस्ट में अनिल अग्रवाल ने कहा कि अग्निवेश की मृत्यु उनके जीवन का सबसे दुखद दिन है। उन्होंने आगे कहा, “अपने बच्चे को अलविदा कहने वाले माता-पिता के दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। एक बेटे को अपने पिता से पहले नहीं जाना चाहिए। इस क्षति ने हमें इस तरह से तोड़ दिया है कि हम अभी भी इसे समझने की कोशिश कर रहे हैं।”
कौन थे अग्निवेश अग्रवाल :
अनिल अग्रवाल और किरण अग्रवाल के सबसे बड़े बेटे अग्निवेश का जन्म 3 जून, 1976 को पटना में हुआ था। उन्होंने अजमेर के प्रतिष्ठित मेयो कॉलेज में पढ़ाई की और फिर आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका चले गए। अपनी पढाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने पिता की कंपनी ज्वाइन नहीं की बल्कि उन्होंने वैश्विक व्यापार मॉडल, वित्त और कॉर्पोरेट प्रशासन को समझने के लिए विदेशों में समय बिताया और पेशेवर अनुभव प्राप्त किया। इस अनुभव ने बाद में उन्हें भारत लौटने और वेदांता समूह की कंपनियों में काम करने में मदद की।
अग्निवेश हमेशा सुर्खियों से दूर रहे :
अग्निवेश लाइमलाइट से दूर रहते थे, सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर कम ही दिखाई देते थे। हालांकि, वेदांता समूह में उन्हें एक अनुभवी और दूरदर्शी बोर्ड सदस्य के रूप में जाना जाता था।
अमेरिका में स्कीइंग दुर्घटना में उन्हें चोटें आईं। अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश का न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल में इलाज चल रहा था और वे तेजी से ठीक हो रहे थे।
वेदांता समूह के चेयरमैन ने आगे कहा, “हमें लगा था कि सबसे बुरा समय बीत चुका है। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था, और अचानक दिल का दौरा पड़ने से हमारा बेटा हमसे छिन गया।”
भारतीय प्रधानमंत्री का शोक सन्देश :
भारत के प्रधानमंत्री ने X पे लिखते हुए कहा “श्री अग्निवेश अग्रवाल का असामयिक निधन अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाला है। इस भावपूर्ण श्रद्धांजलि में आपके गहरे शोक की झलक स्पष्ट है। प्रार्थना है कि आपको और आपके परिवार को शक्ति और साहस मिलता रहे। ओम शांति।”




